इंदौर: सीमाओं के बावजूद स्वाद और स्मृतियां आज भी लोगों को एकजुट करती हैं। भोजन महज पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और साझा विरासत का जीवंत प्रतीक है।
सिरका 1940: अविभाजित भारत का स्वाद
फेयरफील्ड बाय मैरियट इंदौर के रेस्टोरेंट कावा में “सिरका 1940: अविभाजित इंडिया” थीम पर विशेष हेरिटेज डिनर का आयोजन हो रहा है। यह प्री-पार्टिशन भारत की साझा रसोई और पारंपरिक व्यंजनों को एक मंच पर लाता है। आयोजन 20 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक रोजाना शाम 7 से रात 11 बजे तक चलेगा।
हेरिटेज बुफे का मेन्यू
क्यूरेटेड बुफे में उत्तर-पश्चिम सीमांत, पंजाब, सिंध और अविभाजित बंगाल से प्रेरित रेसिपी शामिल हैं। नॉन-वेज में पेशावरी चंदन कबाब, चपली कबाब, मटन सीख कबाब, मलाई प्याजा मुर्ग, मुर्ग काली मिर्च टिक्का, लाहौरी फिश टिक्का, फिश अमृतसरी, मटन बुर्रा। वेज में गुलनार पनीर टिक्का, मल्तानी पनीर परचे, अचारी खुम्ब तिनके, अमृतसरी सोया चाप, हरा भरा कबाब, अखरोट कबाब, पंचरंगी दाल, लाहौरी दाल तड़का, सरसों का साग, दाल मखनी, राजमा रसीला, सिंधी कढ़ी। मिठाइयों में गाजर-मूंग दाल हलवा, जाफरानी खीर, मालपुआ रबड़ी, रसगुल्ला।
होटल मैनेजर का बयान
होटल मैनेजर सुदीप सिन्हा ने कहा, “यह थीम डिनर भारत की साझा संस्कृति और खान-पान विरासत को सम्मानित करने का प्रयास है। मूल रेसिपी के करीब तैयार व्यंजन प्री-पार्टिशन स्वाद का वास्तविक अनुभव देंगे। इंदौर के फूड लवर्स के लिए यह यादगार होगा।”
अनोखा अनुभव
रेस्टोरेंट में प्री-पार्टिशन माहौल सादगी, गर्म रंगों, पारंपरिक बर्तनों और हल्की रोशनी से सजा है। यह स्वाद, वातावरण और इतिहास का संपूर्ण संगम प्रस्तुत करता है।
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