इंदौर। मिताशा फाउंडेशन ने अंगदान को जनआंदोलन का रूप देकर इंदौर को देश का अग्रणी मॉडल बनाने के उद्देश्य से “संकल्प एक लाख – अंगदान से जीवनदान” अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह अभियान 3 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक इंदौर संभाग में चलेगा। प्रशासनिक सहयोग से व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित होंगी।
संभागायुक्त इंदौर, कलेक्टर इंदौर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के नेतृत्व में अभियान को गति मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाएं इंदौर संभाग के निर्देशों के तहत अधिकाधिक नागरिकों को अंगदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। इच्छुक व्यक्तियों से ऑनलाइन सहमति पत्र भरवाए जाएंगे।
अभियान का लक्ष्य अंगदान को औपचारिकता से ऊपर उठाकर समाज की सक्रिय भागीदारी से जोड़ना है। अप्रैल को संभाग स्तर पर “अंगदान जागरूकता माह” घोषित करने की पहल हो रही है, जिससे विभिन्न विभागों व संस्थाओं के माध्यम से जागरूकता और संकल्प कार्यक्रम व्यापक होंगे।
स्वास्थ्य शिविरों, बैठकों और अन्य आयोजनों में अंगदान के महत्व पर जोर दिया जाएगा। ओपीडी-आईपीडी पर्चियों पर अभियान का संदेश छपेगा। नियमित समीक्षा व जिला स्तरीय निगरानी से प्रगति पर नजर रखी जाएगी।
इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने कहा, “अंगदान मानवता सेवा का सर्वोच्च रूप है। यह अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा।” उन्होंने नागरिकों से अधिक संख्या में जुड़ने और जागरूकता फैलाने की अपील की।
मिताशा फाउंडेशन के संस्थापक आलोक सिंघी ने बताया, “हमारा लक्ष्य इंदौर को पूर्ण प्रशासनिक समर्थन वाला पहला अंगदान मॉडल बनाना है, जिसे मध्यप्रदेश और पूरे देश में दोहराया जा सके।” उन्होंने प्रशासन-समाज की साझेदारी से इंदौर को प्रभावी मॉडल बनाने का विश्वास जताया।
फाउंडेशन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अभियान से जुड़ें, अंगदान जागरूकता बढ़ाएं और जीवनदान के इस संकल्प का हिस्सा बनें।
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