Skip to content
localIndore.in
loader-image
Indore
1:29 PM, 11/03/2026
temperature icon 35°C
clear sky
Humidity: 17 %
Wind: 7 Km/h
Clouds: 0%
Visibility: 6 km
Sunrise: 6:39 AM
Sunset: 6:34 PM
Menu
  • होम
  • स्वास्थ
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • खेल
  • व्यापार / कॉर्पोरेट
  • राजनीति
  • विज्ञान
Menu

इंदौर के मेदांता में 108 किलो वजन वाले मरीज का सफल किडनी ट्रांसप्लांट

Posted on November 12, 2025

पत्नी ने दिया जीवनदान

डोनर की किडनी में थे 7 स्टोन, 15 मिनट में निकालकर किया गया ट्रांसप्लांट

इंदौर। मध्य प्रदेश की चिकित्सा जगत में इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल ने एक नई मिसाल कायम की है। यहां 108 किलोग्राम वजन वाले मरीज का सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है। खास बात यह है कि इतने अधिक वजन वाले मरीजों को आमतौर पर दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों में रेफर किया जाता है, लेकिन इंदौर में ही यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हुई।

पति को बचाने के लिए पत्नी ने लिया बड़ा फैसला

धार जिले के निवासी 47 वर्षीय महमूद मोहम्मद वर्ष 2018 से क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) से जूझ रहे थे। मोटापे और हाई ब्लड प्रेशर की वजह से उनकी किडनी धीरे-धीरे फेल होती गई। 2022 में हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें डायलिसिस शुरू करना पड़ा। तीन साल तक डायलिसिस पर रहने के बाद 1 सितंबर 2025 को उनका किडनी ट्रांसप्लांट किया गया।

महमूद की जान बचाने के लिए उनकी पत्नी नजमा ने अपनी किडनी दान करने का फैसला किया। शुरुआत में महमूद ने मना किया, लेकिन नजमा ने कहा, “अगर तुम्हें कुछ हो गया तो मैं कैसे जिंदा रहूंगी। अपने जीवनसाथी के लिए मैं कुछ भी कर सकती हूं।” पत्नी के इस प्यार और त्याग ने महमूद को नया जीवन दिया।

70 किलो की पत्नी से 108 किलो के पति को मिली किडनी

मेदांता हॉस्पिटल इंदौर के सीनियर कंसल्टेंट, रेनल केयर (नेफ्रोलॉजी एवं ट्रांसप्लांट प्रभारी) डॉ. जय सिंह अरोरा ने बताया कि जब महमूद अस्पताल आए थे, तब उनका वजन 108 किलोग्राम था। इतनी अधिक चर्बी के कारण सर्जरी अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी।

वहीं, नजमा का वजन 70 किलो था, जिससे दोनोर और रिसीपिएंट के बीच साइज में बड़े अंतर के कारण ट्रांसप्लांट तकनीकी रूप से और भी मुश्किल हो गया। इसके बावजूद विशेषज्ञ टीम ने यह सर्जरी पूरी तरह लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सफलतापूर्वक पूरी की। ऑपरेशन के बाद महमूद का वजन घटकर 96 किलो रह गया है।

किडनी में थे 7 स्टोन, फिर भी नहीं रुका ट्रांसप्लांट

सर्जरी के दौरान एक और बड़ी चुनौती सामने आई। कंसल्टेंट, रेनल केयर (यूरोलॉजी) डॉ. अंशुल अग्रवाल ने बताया कि जांच में पता चला कि नजमा की किडनी में छह से सात पथरी (स्टोन) मौजूद थे। लेकिन इसके बावजूद नजमा ने अपना निर्णय नहीं बदला।

डॉ. अग्रवाल ने बताया, “सर्जरी के दौरान जब किडनी शरीर से बाहर निकाली गई, तब हमने केवल 15 मिनट में सभी स्टोन निकाल दिए और फिर उसी किडनी का ट्रांसप्लांट महमूद में किया गया। पूरी प्रक्रिया अत्यंत सावधानी से की गई और परिणाम शत-प्रतिशत सफल रहे।”

इंफेक्शन का खतरा था, पर टीम ने संभाली स्थिति

डॉक्टरों ने बताया कि अधिक वजन वाले मरीजों में चर्बी की अधिकता के कारण ऑपरेशन के दौरान कई जटिलताएं आ सकती हैं। ऐसे मामलों में संक्रमण (इंफेक्शन) का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। लेकिन अस्पताल की अनुभवी टीम ने पूरी सतर्कता बरतते हुए सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

ट्रांसप्लांट के बाद नजमा को मात्र चार दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल गई, जबकि महमूद को 12 दिन बाद डिस्चार्ज किया गया। दोनों अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं।

मेदांता की लगातार उपलब्धियां

यह पहली बार नहीं है जब मेदांता अस्पताल इंदौर ने ऐसी जटिल सर्जरी की है। कुछ समय पहले यहां 76 वर्षीय मां ने अपनी बेटी को किडनी दान की थी, और दोनों अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।

डॉ. अरोरा ने बताया कि डायलिसिस पर रहने वाले मरीजों की पांच साल बाद जीवित रहने की दर लगभग 50 प्रतिशत होती है, जबकि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद यह दर 96 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। इसीलिए चिकित्सक मरीजों को डायलिसिस के बजाय किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह देते हैं।

इंदौर में ऐसी जटिल सर्जरी की सफलता से साबित होता है कि अब मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत नहीं है। शहर में ही विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।

Thank you for reading this post!

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

स्वच्छता का महागुरु: इंदौर

https://localindore.in/wp-content/uploads/2026/02/or-Chhota-wala.mp4

Search

Recent Posts

  • इंदौर के केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स में मनाया महिला दिवस
  • शेरेटन ग्रैंड पैलेस इंदौर में महिला दिवस पर विशेष ब्रंच
  • यूएई उड़ानें ठप: भारत यात्रियों पर 5 गुना किराया, इंदौर फ्लाइट 7वें दिन रद्द
  • इंदौर समेत प्रदेश के नगर निगमों में महापौर निधि खत्म
  • टी-20 विश्व कप फाइनल में भारत, इंदौर के राजवाड़ा पर देर रात तक जश्न

RSS MPinfo Hindi News

  • आईटीआई छिंदवाड़ा में सुजुकी मोटर्स प्रायवेट लिमिटेड द्वारा कैंपस ड्राइव का हुआ आयोजन
  • कल्याणकारी योजनाओं सहित अन्य कार्यों के लिए 33 हजार 240 करोड़ रूपये की स्वीकृति
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह और सागर में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल
  • सिंहस्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण है केंद्रीय कैबिनेट द्वारा प्रदत्त स्वीकृति
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव, महान शिक्षाविद सावित्रीबाई फुले के सपनों को कर रहे हैं साकार : महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया

RSS MPinfo English News

  • Cabinet Approves ₹33,240 Crore for Welfare Schemes and other Initiatives
  • Chief Minister Dr. Yadav to Attend Events in Damoh and Sagar
  • Union Cabinet Approval Significant from Simhastha Perspective
  • Prime Minister Shri Modi Receives Gratitude from Chief Minister Dr. Yadav
  • Rani Durgavati Sanctuary (Nauradehi) to Become Third Home for Cheetahs: CM Dr. Yadav

Archives

Local Indore

  • About localindore.in
  • Privacy Policy
  • Write to Us!!
©2026 Local Indore | Design: Newspaperly WordPress Theme