परिजनों का आरोप… तमिलनाडु पुलिस गंभीरता से नहीं कर रही तलाश
इंदौर. करीब 15 दिन से लापता ओजस्विनी का पुलिस अभी तक पता नहीं लगा पाई है। परिजन अपनी बेटी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। एयरपोर्ट में सीएम डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन भी दे चुके हैं। जाने से पहले ओजस्विनी 4 पन्नों का लेटर छोड़कर गई थी। सीसीटीवी फुटेज में 15 सितंबर को वह कॉलेज कैंपस में साइकिल खड़ी कर कॉलेज से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही है।
रविवार को मिलती है बाहर जाने की परमीशन
पिता नूतेश गुप्ता ने बताया कि बेटी त्रिची से 15 सितंबर को लापता हो गई है। रविवार को वहां बाहर घूमने के लिए कैंपस के बाहर जाने दिया जाता है। उस दिन रात तक वो नहीं आई तो कॉलेज प्रशासन ने फोन किया। इसके बाद मिशिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। नूतेश के अनुसार त्रिची की पुलिस और कॉलेज प्रशासन का कहना है कि ओजस्विनी को ढूंढ़ने का प्रयास जारी है।
इंदौर की आईटी कंपनी में करती थी जॉब
ओजस्विनी की भाभी श्वेता गुप्ता ने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने में बाद वह इंदौर की ही आईटी कंपनी में जॉब शुरू कर दी थी। एनआईटी त्रिचि से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के लिए उसने कड़ी मेहनत कर एग्जाम दिया और देश भर में 72वीं रैंक हासिल की। कॉलेज में उसकी काबिलियत को देखकर क्लास रिप्रेजेंटेटिव बना दिया गया, लेकिन वह मेंटल हैरेसमेंट का शिकार हो गई।
10 अगस्त को हुआ था एडमिशन
एनआईटी कॉलेज के लिए ओजस्विनी एमसीए की कोचिंग करने गई थी। ऑल इंडिया में 72 रैंक हासिल की थी। सलेक्शन होने के बाद कॉलेज में 10 अगस्त को फस्ट इयर में एडमीशन कराया था। 15 सितंबर से वह लापता है। नूतेश ने बताया कि उसके पास से जो लेटर मिला है, उसमें लिखा है सीआर बना दिया गया, जिससे कई बच्चे नाराज हैं और मेंटली हरेस्टमेंट कर रहे हैं।
हॉस्टल में फ्रेंडस के साथ रहती थी
हॉस्टल में ओजस्विनी अपने 6 दोस्तों के साथ रहती थी। सभी के अलग-अलग बेड लगे हैं। पिता के मुताबिक शनिवार, 14 सितंबर की रात वह तीन बजे तक पढ़ाई करती रही और 15 सितंबर को सुबह 6:30 बजे हॉस्टल से निकल गई। उसके वापस नहीं लौटने के बाद जब कमरे की तलाशी ली गई तो 4 पन्नों का लेटर मिला। घटना के संबंध में सीएम डॉ. मोहन यादव और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात की है, उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे बात चीत कर रहे हैं।
त्रिचि पुलिस ने किया एसआईटी का गठन
ओजस्विनी के लापता होने के बाद 16 सितंबर को उसकी गुमशुदगी त्रिचि के थुवक्कुडी थाने में दर्ज कराई गई थी। त्रिचि पुलिस ने उसकी तलाश के लिए एसआईटी का गठन भी कर दिया, लेकिन अब तक टीम उसे तलाश नहीं कर सकी। पिता ने तमिलनाडु पुलिस आरोप लगाया है कि वहां का पुलिस प्रशासन उसकी तलाश गंभीरता से नहीं कर रहा है। सीसीटीवी फुटेज में 15 सितंबर को वह कॉलेज कैंपस में साइकिल खड़ी कर कॉलेज से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही है।
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