इंदौर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का कार्य नए साल में शुरू होने की संभावना है। रेलवे विभाग इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार, रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के लिए अहमदाबाद की कंपनी का चयन किया है।
पश्चिम रेलवे ने इंदौर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का ठेका अहमदाबाद की मोंटे कार्लो कंपनी को सौंपने का फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया के अंतिम चरण में छह कंपनियों में से मोंटे कार्लो ने 7% कम दर पर काम करने का ऑफर देकर यह प्रोजेक्ट अपने नाम किया है। रेलवे ने इस प्रोजेक्ट की लागत 443.52 करोड़ रुपए तय की थी।
रेलवे विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के लिए 18 कंपनियों ने टेंडर भरे थे। इनमें से 12 कंपनियां तकनीकी प्रक्रिया में बाहर हो गईं। सोमवार को बची छह कंपनियों की निविदाएं मुंबई में खोली गईं, जिसमें मोंटे कार्लो का वित्तीय ऑफर सबसे कम पाया गया। रेलवे विभाग ने बताया कि 15-20 दिसंबर तक वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। इसके बाद एग्रीमेंट आदि की प्रक्रिया पूरी कर जनवरी के अंत तक काम शुरू किया जा सकता है।
2028 तक होगा प्रोजेक्ट पूरा
कंपनी को लगभग साढ़े तीन साल में, यानी 2028 तक इंदौर रेलवे स्टेशन का री-डेवलपमेंट पूरा करना होगा। इस प्रोजेक्ट की खासियत यह होगी कि इंदौर स्टेशन का डिजाइन एयरपोर्ट जैसा होगा। यहां स्काय वॉक और नई दिल्ली की तर्ज पर मेट्रो स्टेशन को जोड़ा जाएगा। साथ ही पार्क रोड स्टेशन का भी विकास किया जाएगा।
री-डेवलपमेंट में किए जाएंगे ये काम
री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत:
- दोनों तरफ नई टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण
- कॉनकोर्स का निर्माण
- नए फुट ओवरब्रिज और शेड
- आधुनिक रेस्टोरेंट
- एस्केलेटर
- वेटिंग एरिया
- टिकट काउंटर
- सर्कुलेटिंग एरिया का उन्नयन
- प्लेटफॉर्म को सीधा करना और लाइन सुधार
इन कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके लिए कुछ ट्रेनों को महू या लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन पर स्थानांतरित किया जाएगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा इंदौर स्टेशन
इस नवीनीकरण के बाद, इंदौर स्टेशन पर यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इनमें भव्य प्रवेश द्वार, रूफ प्लाजा, एग्जीक्यूटिव लाउंज, अतिरिक्त प्रवेश द्वार, हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम और वाई-फाई जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। रेलवे ने इसे आने वाले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया है।
इतिहास में होलकर काल का योगदान
इंदौर रेलवे स्टेशन का निर्माण 1877 में होलकर काल के दौरान हुआ था। 1956 में इसका जीर्णोद्धार किया गया, और 1988 में सियागंज की ओर एक नई बिल्डिंग बनाई गई। 2015 में मीटर गेज ट्रेनों का संचालन बंद हुआ, और इसी दौरान मुख्य स्टेशन से 700 मीटर दूर पार्क रोड पर प्लेटफॉर्म 5 और 6 का निर्माण किया गया।
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