इंदौर- वर्तमान में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिये, इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से इंदौर पुलिस द्वारा लगातार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी अनुक्रम अति. पुलिस उपायुक्त क्राइम इंदौर टीम के साथ शुभदीप आर्युवेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल इंदौर में पहुंचकर, प्रोफेसर, स्टूडेंट व मैनेजमेंट स्टाफ को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।
सायबर अवेयरनेस के तहत शुभदीप आर्युवेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में एडीशनल डीसीपी क्राइम श्री राजेश दंडोतिया ने, 335वीं कार्यशाला में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स, स्टूडेंट व मैनेजमेंट स्टाफ के करीब 400 लोगों को वर्तमान समय के साइबर अपराधों के प्रकारों और इनसे बचने के तरीकों की जानकारी देते हुए, पुलिस के पास आने वाली साइबर अपराधों की शिकायतों की केस स्टडी के आधार पर, विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड, फाइनेंशियल फ्रॉड के साथ ही सोशल मीडिया से संबंधित साइबर क्राइम आदि के बारे में विस्तृत रूप से बताते हुए, साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन-1930, cybercime.gov.in तथा इंदौर पुलिस की साइबर हेल्पलाइन 704912445 आदि पर किस प्रकार शिकायत करें तथा पुलिस इन पर किस प्रकार कार्यवाही करती है और साइबर अपराधों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें आदि के संबंध में प्रैक्टिकली समझाया।
उन्होंने सभी से कहा कि वर्तमान समय मे साइबर क्राइम समाज के लिए एक घातक बीमारी बन चुके है, जिस प्रकार आप लोग दवाइयों के साथ ही उचित देखभाल व सावधानियों से विभिन्न बीमारियों का ईलाज करते है, उसी प्रकार सावधानी और जागरूकता रख हम अपनी डिजिटल लाइफ में भी साइबर अपराध नामक बीमारी से बचाव कर सकते हैं। इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगें।
अतः डिजिटल किसी भी काम को करते समय पूर्ण सावधानी रखें, फर्जी लिंक, फर्जी लोन ऐप्प, फर्जी निवेश प्लेटफार्म से बचकर रहे और अपनी निजी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से शेयर ना करें।
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