इंदौर: नर्मदा नदी, जिसे मध्यप्रदेश की जीवनरेखा कहा जाता है, ने इंदौर के विकास और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल ही में इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नर्मदा नदी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुण्यसलिला मां नर्मदा का मध्य प्रदेश पर विशेष आशीर्वाद है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मां नर्मदा के परिक्रमा पथ का विकास किया जाएगा। इसके लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया है, जो सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से एक विशेष कार्य योजना तैयार करेगी। परिक्रमा पथ पर घाटों का विकास, वृक्षारोपण, आवास निर्माण, और अन्न क्षेत्र जैसे कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर में अष्टधातु से निर्मित मां नर्मदा की विशाल प्रतिमा के अनावरण समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने इंदौर नगर निगम द्वारा विकसित मां नर्मदा चौराहे के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। उन्होंने शंख ध्वनि और मां नर्मदा के जयकारों के बीच प्रतिमा का अनावरण किया और इस अवसर पर नर्मदा अष्टक का गान भी हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नर्मदा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण नदी है। यह देश की एकमात्र ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा श्रद्धालु पूर्ण रूप से करते हैं। इसके तट तपोभूमि और साधना स्थली के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर में मां नर्मदा का विशेष महत्व है। देवी अहिल्याबाई और शंकराचार्य जैसे महान व्यक्तित्वों का इस नदी से गहरा जुड़ाव रहा है। नर्मदा के जल से इंदौर को नई ऊर्जा और विकास की गति मिल रही है।

नर्मदा चौराहे का सौंदर्यीकरण
कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नर्मदा चौराहे के विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चौराहे पर मां नर्मदा की 8 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके नीचे मगरमच्छ की आकृति बनाई गई है। इस प्रतिमा को ग्वालियर के कलाकार अनुज राय ने तैयार किया है। चौराहे के सौंदर्यीकरण में शंख फाउंटेन, महेश्वर किले की प्रतिकृति, और भेड़ाघाट की झलक शामिल है।
चौराहे का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न थीम पर आकर्षक आकृतियां और संरचनाएं शामिल होंगी। इन संरचनाओं को मूवेबल (स्थानांतरित किए जाने योग्य) बनाया गया है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इन्हें शिफ्ट किया जा सके।

विशेष अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद कविता पाटीदार, विधायक महेंद्र हार्डिया, ऊषा ठाकुर, गोलू शुक्ला, रमेश मेंदोला, और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस ऐतिहासिक अनावरण ने इंदौर और मां नर्मदा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को नई पहचान दी।
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