इंदौर में मराठा समाज ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई। नेहरू स्टेडियम के समीप स्थित उनकी प्रतिमा पर सुबह से ही विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने माल्यार्पण किया। श्रमिक क्षेत्र से दो विशाल रैलियां निकाली गईं, जिनमें पुरुष और महिलाएं पारंपरिक परिधानों में शामिल हुए। पूरे मार्ग में “जय भवानी, जय शिवाजी” के गगनभेदी नारे गूंजते रहे। रैली तीन पुलिया स्थित जिजाऊ प्रतिमा से प्रारंभ हुई।
मध्य प्रदेश क्षत्रिय मराठा मंडळ और छत्रपति शिवाजी प्रतिष्ठान द्वारा माल्यार्पण समारोह आयोजित किया गया। मंडल अध्यक्ष मनोहर पवार और सचिव बबन कदम ने बताया कि इस वर्ष शिवाजी जयंती को एकता एवं सद्भावना दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत माल्यार्पण, पूजन और व्याख्यानों का आयोजन किया गया।
ढोल-नगाड़ों के साथ निकली भव्य रैली
श्रमिक क्षेत्र से प्रारंभ होकर पाटनीपुरा और मालवा मिल होते हुए रैली शिवाजी प्रतिमा स्थल तक पहुंची। खुले वाहन में विधायक रमेश मेंदोला, चंदू शिंदे और रैली संयोजक स्वाती काशिद सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। प्रतिमा स्थल पर पहुंचने के बाद ढोल-नगाड़ों की गूंज पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया और अबीर-गुलाल उड़ाकर हर्ष व्यक्त किया।
युवाओं के हाथों में भगवा ध्वज लहराते रहे। इस अवसर पर विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वराज की स्थापना कर हिंदू समाज को एकजुट करने का सफल प्रयास किया। उन्होंने मुगलों से वीरतापूर्वक संघर्ष कर यह सिद्ध किया कि वे सच्चे योद्धा थे।
इसके अलावा, सुखलियाग्राम से भी एक भव्य रैली निकाली गई, जो शिवाजी प्रतिमा स्थल तक पहुंची। शहर के विभिन्न संगठनों ने भी अलग-अलग स्थानों पर शिवाजी जयंती के आयोजन किए।
Thank you for reading this post!
