एमजीएम मेडिकल कॉलेज के नए डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया होंगे। शासन का आदेश मिलते ही उन्होंने शुक्रवार सुबह 10:30 बजे पदभार ग्रहण कर लिया। इससे पहले वे नीमच में पदस्थ थे। कॉलेज के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि तीन महीने से भी कम समय में चार अलग-अलग डीन ने कार्यभार संभाला है, जिससे यह पद लगातार चर्चा में बना हुआ है।
डॉ. संजय दीक्षित की 30 नवंबर को सेवानिवृत्ति के बाद से डीन पद को लेकर विवाद जारी था। भोपाल से मिले मौखिक आदेश के आधार पर डॉ. दीक्षित ने एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव को डीन का प्रभार सौंपा था, जिससे वे दोनों पद संभाल रहे थे। बाद में हाई कोर्ट के आदेश के बाद डॉ. वीपी पांडेय ने पदभार ग्रहण किया, जिससे टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हाल ही में डॉ. पांडे के अवकाश पर जाने के बाद डॉ. एके पंचोनिया को कार्यवाहक डीन बनाया गया था। डॉ. पांडे ने राज्य शासन के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मेडिकल कॉलेजों में डीन की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने वरिष्ठता की अनदेखी कर जूनियर प्रोफेसरों की नियुक्ति को चुनौती दी है।

रोबोटिक सर्जरी को मिलेगा बढ़ावा
पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. घनघोरिया ने कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी को बढ़ावा देने की प्राथमिकता बताई। उन्होंने कहा कि यहां डॉक्टरों के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। एमवाय अस्पताल में टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर शुरू करने की योजना है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद दंपतियों को लाभ मिलेगा। साथ ही, सरकारी अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। कॉलेज में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, शोध कार्यों को बढ़ावा देने और रैगिंग रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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