इंदौर – मालवा की मैडम मोंटेसरी और बाल शिक्षा को समाजसेवा से जोड़ने वाली अग्रणी शिक्षाविद्, पद्मश्री स्व. शालिनी ताई मोघे (बड़े ताई) की 14वीं पुण्यतिथि के अवसर पर बाल निकेतन संघ, पागनीस पागा, इंदौर द्वारा दो दिवसीय विशेष व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 30 जून और 1 जुलाई 2025 को संस्था परिसर में आयोजित होगा, जिसमें समाजसेवा, चिकित्सा और राष्ट्रसेवा से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियाँ शामिल होंगी।
30 जून को प्रातः 11:30 बजे उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता होंगी पद्मश्री डॉ. लीला जोशी (रतलाम), जिन्हें मध्यप्रदेश की ‘मदर टेरेसा’ के रूप में जाना जाता है। रेलवे हेल्थ सर्विस से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चियों के स्वास्थ्य को लेकर अनुकरणीय कार्य किए हैं। उनके ’12/12/12 मॉडल’ और स्वास्थ्य शिविरों ने हजारों परिवारों को नई दिशा दी है। चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है।
1 जुलाई को प्रातः 11:30 बजे लेफ्टिनेंट कर्नल आशिष मंगरुलकर (प्रमुख – ECHS, महू) ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर व्याख्यान देंगे। इंदौर में जन्मे मंगरुलकर ने यूपीएससी की सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर सेना में प्रवेश किया और नागालैंड, मणिपुर, लद्दाख और कारगिल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सेवा दी। वर्तमान में वे महू में 17,000 से अधिक पूर्व सैनिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। वे एक सक्रिय गोल्फर, साइक्लिस्ट और टीवी पैनलिस्ट भी हैं।
बाल निकेतन संघ की सचिव डॉ. नीलिमा अदमणे ने कहा, “शालिनी ताई केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सेवा, शिक्षा और समर्पण की जीवंत प्रेरणा हैं। यह व्याख्यान श्रृंखला उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक विनम्र प्रयास है। हमें गर्व है कि इस मंच पर दो प्रतिष्ठित हस्तियाँ अपने अनुभव साझा करेंगी, जो छात्रों और समाज दोनों के लिए प्रेरणास्पद सिद्ध होंगे।”
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