इंदौर मेट्रो: एक महीने में घटे यात्री, बदला समय और बढ़ा किराया
शुरुआती जोश अब ठंडा पड़ा
इंदौर मेट्रो का संचालन 31 मई 2025 को शुरू हुआ था। पहले ही दिन 25,000 से अधिक यात्रियों ने इसका उपयोग किया।
पहले सप्ताह में कुल 1.43 लाख यात्रियों ने सफर किया था। लेकिन अब स्थिति बदल गई है – मेट्रो में रोजाना सिर्फ 400–500 लोग ही यात्रा कर रहे हैं।
सिर्फ शनिवार और रविवार को यह आंकड़ा 1,000 पार करता है।
सप्ताह दर सप्ताह घटती भीड़
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पहले सप्ताह: 1,43,000+ यात्री
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दूसरे सप्ताह: 15,947 यात्री
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तीसरे सप्ताह: 11,579 यात्री
इन आंकड़ों से साफ है कि यात्रियों की संख्या लगातार कम हो रही है। मेट्रो सेवा, जो शुरुआत में लोगों के लिए नया अनुभव थी, अब आकर्षण खोती जा रही है।
23 जून से बदली टाइमिंग, कम हुआ संचालन
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने 23 जून से संचालन समय में बदलाव किया। अब मेट्रो सोमवार से शुक्रवार तक सिर्फ सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चलती है।
हर 1 घंटे में सिर्फ एक ट्रेन चलाई जा रही है, जबकि पहले हर 15 मिनट में ट्रेन चलती थी।
इस बदलाव से कामकाजी यात्रियों को दिक्कत हो रही है।
किराया बढ़ा, छूट घटी
शुरुआती दिनों में मेट्रो फ्री थी, फिर 75 प्रतिशत और 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई।
अब केवल 25 प्रतिशत रियायत जारी है।
नया किराया:
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न्यूनतम: ₹15
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अधिकतम: ₹23
प्रशासन का कहना है कि बढ़ती लागत और कम यात्रियों के कारण यह निर्णय लेना जरूरी था।
समय की पाबंदी नहीं, तकनीकी गड़बड़ियां जारी
यात्रियों की घटती संख्या का एक बड़ा कारण टाइमिंग में अनियमितता भी है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेनें अपने तय समय से 10–15 मिनट देर से आ रही हैं।
साथ ही, प्लेटफॉर्म के ऑटोमैटिक गेट भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।
अन्य शहरों से तुलना में इंदौर पीछे
| शहर | औसत दैनिक यात्री |
|---|---|
| दिल्ली | 60 लाख से अधिक |
| बेंगलुरु | 9 लाख |
| हैदराबाद | 5 लाख |
| मुंबई | 3 लाख |
| जयपुर | 50,000 से अधिक |
| इंदौर | 400 से 1,000 तक |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इंदौर मेट्रो को अभी लंबा रास्ता तय करना है। अन्य शहरों के मुकाबले इसकी सवारियाँ बेहद कम हैं, और संचालन में सुधार बड़ी चुनौती बन चुका है।
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