जुपिटर हॉस्पिटल में देशभर से आए सर्जनों ने जाना हर्निया इलाज का आधुनिक तरीका
इंदौर के जुपिटर हॉस्पिटल में दो दिवसीय ‘हर्निया एसेंशियल्स डिडैक्टिक्स’ वर्कशॉप में सर्जरी का हर स्टिच, हर स्क्रब एक सीख बन गया। देशभर से जुटे युवा सर्जनों ने न सिर्फ हर्निया की एडवांस तकनीकें सीखीं, बल्कि लाइव सर्जरी के ज़रिए हर बारीकी को महसूस किया।
दूसरे दिन का आकर्षण रहे TEP, TAP, IPOM, E-TEP और लिचेंस्टीन जैसी आधुनिक तकनीकों के लाइव डेमो। प्रतिभागियों ने स्क्रीन पर नहीं, ऑपरेशन थिएटर की लाइव सर्जरी में अनुभव लिया कि कैसे हर केस में तकनीक का चुनाव जीवन बदल सकता है।
डॉ. राजेश खुल्लर, अध्यक्ष, एशिया पैसिफिक हर्निया सोसाइटी, ने वर्चुअल सत्र में बताया, “समय पर पहचान और सही सर्जरी हर्निया के इलाज की कुंजी है।” वहीं, वर्कशॉप कन्वीनर डॉ. अमिताभ गोयल ने कहा, “यह पहल सिर्फ स्किल नहीं, सोच भी बदलने का प्रयास है — कि हर्निया को हल्के में न लें, क्योंकि इसका इलाज अब आसान, तेज़ और सुरक्षित हो गया है।”
वर्कशॉप में केस-बेस्ड डिस्कशन से लेकर पोस्ट-ऑप केयर तक सब कुछ शामिल रहा। अंत में जब प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र मिले, तो वो सिर्फ कागज़ नहीं थे — वो नई समझ, नई ज़िम्मेदारी का प्रमाण थे।
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