इंदौर। देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंदौर पर मानसून के दौरान तेजी से उगने वाली घास की कटाई के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने 93.32 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है। यह टेंडर एक वर्ष के लिए अकुशल श्रमिकों की आपूर्ति हेतु निकाला गया है, जिसमें प्रतिदिन करीब 20 मज़दूर तैनात किए जाएंगे।
700 एकड़ के ऑपरेशनल क्षेत्र में घनी घास जानवरों के छिपने का कारण बनती है, जिससे रनवे पर उनके पहुंचने और उड़ानों को बाधित करने का खतरा रहता है। पूर्व में इस काम के लिए एक आधुनिक मशीन का उपयोग किया जाता था, जो घास को तेजी से काटकर उसका गट्ठर बनाती थी और घास चिड़ियाघर के शाकाहारी जानवरों को भेजी जाती थी।
पहले मशीन से होती थी कटाई, अब बढ़ रहा खर्च
पूर्व डायरेक्टर अर्यमा सान्याल के कार्यकाल में आधुनिक मशीन से कटाई होती थी, जिससे लागत कम थी और घास चिड़ियाघर के जानवरों को भेजी जाती थी। अब मशीन की बजाय श्रमिकों पर हर साल लाखों खर्च किए जा रहे हैं। इससे न सिर्फ लागत बढ़ी है, बल्कि चिड़ियाघर को मिलने वाली घास की आपूर्ति भी बंद हो गई है।
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