मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और राज्य न्यायिक अकादमी ने डेनमार्क के पेटेंट और ट्रेडमार्क ऑफिस के सहयोग से इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया है। यह कार्यक्रम 11 अक्टूबर से शुरू हुआ है। संगोष्ठी का विषय है — ‘विकासशील क्षितिज: डिजिटल दुनिया में वाणिज्यिक और मध्यस्थता कानून की जटिलता और नवाचार’।
शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, राजेश बिंदल और अरविंद कुमार की मौजूदगी में सेमिनार का शुभारंभ किया। सेमिनार का उद्देश्य न्यायिक जगत को डिजिटल युग में बदलते व्यापारिक कानूनों और विवाद समाधान की नई चुनौतियों से अवगत कराना है।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के जज, वकील और विधि छात्र भाग ले रहे हैं। इसमें चर्चा हो रही है कि डिजिटल तकनीक, डेटा आधारित व्यवसाय और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन ने कानूनी ढांचे के सामने कौन-कौन सी नई जटिलताएं खड़ी की हैं। साथ ही भारत और यूरोप के न्यायिक तंत्रों के बीच सहयोग को मजबूत करने और तकनीकी बदलावों के अनुरूप कानूनों को आधुनिक बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
सेमिनार का समापन सत्र रविवार, 12 अक्टूबर को होगा, जिसमें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा सहित अन्य न्यायाधीश और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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