इंदौर के गांधी हॉल में 11 और 12 अक्टूबर को अयोध्या महोत्सव फाउंडेशन द्वारा आयोजित **‘अयोध्या महोत्सव 2025’** में राम राज्य की झलक देखने को मिल रही है। महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को मंत्री **कैलाश विजयवर्गीय** ने किया। उन्होंने बताया कि यह अद्भुत धनुष श्रद्धा और साधना का प्रतीक है, जिसमें **1,008 रामनाम पुस्तकों** का समन्वय किया गया है। प्रत्येक पुस्तक में **1008 बार ‘प्रभु श्रीराम’** का नाम अंकित है, जो अनन्य भक्ति, अखंड जप और निरंतर आराधना का प्रतीक है।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण **दुनिया का सबसे ऊंचा 51 फीट का धनुष** है, जिसका वजन **1.5 टन** है और इसमें 1,088 रामनाम पुस्तकों का समावेश किया गया है। यह धनुष **विश्व रिकॉर्ड** दर्ज कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक प्रतीक बन सकता है।
गांधी हॉल परिसर को **‘अयोध्या नगरी’** के रूप में सजाया गया है, जहां रामायण के सातों कांडों की जीवंत झलकियां नृत्य, नाटक और झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत की जा रही हैं। प्रत्येक शाम सूर्यास्त के बाद **श्रीराम महाआरती**, **भजन संध्या** और **सांस्कृतिक प्रस्तुतियां** आयोजित की जा रही हैं।
इसके साथ ही **‘अयोध्या बाजार’** में पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, परिधान और रामनाम पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई है। कविता, नृत्य, रंगोली, पूजा थाली, बेबी शूट और दिवाली रील मेकिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजन का आकर्षण बनी हुई हैं। यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि **भक्ति, एकता और मर्यादा का संदेश** देने वाला आयोजन है, जो **भगवान राम के आदर्शों को आधुनिक समाज में जीवंत** करने का प्रयास कर रहा है।
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