इंदौर में सोयाबीन भावांतर योजना के समर्थन में किसानों ने देपालपुर क्षेत्र से सुपर कॉरिडोर तक ट्रैक्टर रैली निकाली, जो आगे चलकर एक सभा में बदल गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव इस सभा से वर्चुअल रूप से जुड़े और किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की खुशहाली उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि भावांतर योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है ताकि बाजार में दाम घटने पर भी किसानों को नुकसान न हो।
सीएम ने कहा कि सरकार तय भावों पर किसानों से उपज खरीदेगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में डेढ़ हजार से अधिक पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं, जहां अब तक पांच लाख से ज्यादा किसान अपनी फसल का पंजीयन करा चुके हैं। सोयाबीन फसल के लिए भी पंजीयन शुरू हो गया है और 35 हजार से अधिक किसान इसमें जुड़ चुके हैं।
हालांकि, इस योजना का कांग्रेस और कुछ किसान संगठनों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि योजना से किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है और पिछली सरकार के समय भी यह योजना लागू हुई थी, लेकिन वह असफल साबित हुई थी।
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