इंदौर। विश्व मधुमेह दिवस पर शहर के वरिष्ठ एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. संदीप जुल्का एवं उनकी टीम ने इस वर्ष दो चरणों में जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया। प्रथम चरण में 11 नवम्बर को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से देवास नाका से राऊ के बीच स्थित छह चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर रैंडम ब्लड शुगर जांच की गई। सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चले इस अभियान में 500 से अधिक लोगों की जांच हुई, जिसमें हर पाँच में से एक व्यक्ति की ब्लड शुगर सामान्य से अधिक पाई गई और हर दस में से एक को डायबिटीज पाया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि दस में से दो लोग अपनी स्थिति से अनजान थे। इस अभियान ने यह स्पष्ट किया कि आमजन के बीच नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूकता की अब भी कमी है।
यह पहल केवल शुगर जांच तक सीमित नहीं रही। डॉ. जुल्का की टीम ने इस अवसर को सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करने के लिए भी उपयोग किया। पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सतर्कता बरतने की अपील की गई। प्रत्येक व्यक्ति को शुगर रिपोर्ट कार्ड के साथ रोड सेफ्टी संदेश भी दिया गया, ताकि वे स्वास्थ्य के साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें। डॉ. जुल्का ने कहा कि स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों जीवन के अभिन्न अंग हैं—नियमित जांच बीमारियों से बचाती है, जैसे सतर्कता दुर्घटनाओं से।
इसी श्रृंखला के दूसरे चरण में, 16 नवम्बर को जाल सभागृह, साउथ तुकोगंज में “मधुमेह (रिवर्सल) — कब, कैसे और क्या कभी नहीं?” विषय पर आधारित एक विशेष सेमिनार का आयोजन होगा। डॉ. जुल्का सेमिनार में मधुमेह के वास्तविक कारणों, नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों और रिवर्सल की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। “दिल जिद्दी है” कार्यक्रम के तहत प्रेरक जीवन कहानियाँ भी प्रस्तुत की जाएंगी और प्रतिभागियों को विशेषज्ञ से सीधे प्रश्न पूछने का मौका मिलेगा।
इस अवसर पर “विकसित भारत पाठशाला” कार्यक्रम की भी शुरुआत की जाएगी जो युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इमोशनल इंटेलिजेंस, कम्युनिकेशन स्किल्स, लीगल एस्पेक्ट्स और फाइनेंशियल लिटरेसी जैसे विषयों पर प्रशिक्षित करेगा। “इंपेटस टेक्नोलॉजी” इस कार्यक्रम का पहला सत्र संचालित करेगी। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
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