इंदौर। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में जब राष्ट्रीय स्तर की रक्षा परीक्षाएँ और अधिक कठिन तथा बहुआयामी होती जा रही हैं, ऐसे समय में इन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करना किसी भी विद्यार्थी के लिए गौरव की बात है। यह उपलब्धि केवल अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिबद्धता, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण होती है।
इसी क्रम में इंदौर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने आरआईएमसी, एनडीए, सीडीएस, एएफकैट और एसएससी टेक जैसी प्रतिष्ठित रक्षा परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर शहर का नाम रोशन किया है।
इस अवसर पर माँ ट्यूटोरियल के निदेशक पंकज भट्ट, भारतीय सेना के पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट एसएसबी एवं पूर्व डायरेक्टर—इंडियन आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस कर्नल एन. के. माथुर, तथा भारतीय नौसेना की कमांडर एनी पॉलोस ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में रुद्रेश पाठक और विधि श्रीवास भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया।
कर्नल माथुर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि रक्षा सेवाओं की चयन प्रक्रिया में हर चरण—साइकोलॉजिकल टेस्ट, ग्रुप टेस्ट, फिजिकल फिटनेस और पर्सनल इंटरव्यू—समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया उम्मीदवार की मानसिक मजबूती, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और अनुशासन की वास्तविक परीक्षा होती है।
पंकज भट्ट ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (आरआईएमसी) की प्रवेश परीक्षा में संस्थान के दो विद्यार्थियों ने देशभर में शानदार रैंक हासिल की है। भारत के मात्र 30 सीटों वाले इस प्रतिष्ठित संस्थान में चयन लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और मेडिकल समेत कई कठिन चरणों से होकर गुजरता है।
रोशन जिबिन (पिता—जिबिन जोसेफ) ने ऑल इंडिया रैंक 5 और हार्दिक गुप्ता (पिता—अमित गुप्ता) ने ऑल इंडिया रैंक 11 प्राप्त की है।
अन्य रक्षा परीक्षाओं में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा।
- अभिनव सिंह ने सीडीएस में ऑल इंडिया रैंक 89, एएफकैट में रैंक 2, इंडियन कोस्ट गार्ड में रैंक 3 और एसएससी टेक में रिकमेंडेशन हासिल किया।
- त्रियंबक यादव (पिता—नितिन यादव) ने एनडीए में ऑल इंडिया रैंक 183 प्राप्त की।
- अभ्युदय सिंह (पिता—वृजेंद्र सिंह झाला) एएफकैट में रिकमेंड हुए हैं।
ये उपलब्धियाँ न केवल इंदौर, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र के युवाओं में रक्षा सेवाओं के प्रति बढ़ते उत्साह और देशसेवा की भावना को दर्शाती हैं।
कमांडर एनी पॉलोस ने कहा, “आज के युवाओं में देशसेवा के प्रति जो समर्पण और जागरूकता दिखाई दे रही है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। रक्षा सेवाओं में सफलता केवल शारीरिक क्षमता से नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, नेतृत्व, टीम भावना और निर्णय लेने की योग्यता से प्राप्त होती है।”
माँ ट्यूटोरियल के निदेशक पंकज भट्ट ने बताया कि इन परिणामों ने शहर को गर्व का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि “स्पष्ट लक्ष्य, उचित मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास से कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकता है।” इस सफलता का श्रेय उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और नियमित अनुशासित तैयारी को दिया।
सफल विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
- रोशन जिबिन ने कहा, “परीक्षा की तैयारी में सबसे अहम रही सही दिशा और हर चरण पर मिला मार्गदर्शन।”
- हार्दिक गुप्ता के अनुसार, “लगातार मूल्यांकन और नियमित अभ्यास से आत्मविश्वास बढ़ा।”
- त्रियंबक यादव ने बताया कि “यहाँ पढ़ाई का माहौल ऐसा है जहाँ बिना दबाव के लक्ष्य पर फोकस किया जा सकता है।”
- अभिनव सिंह ने कहा कि “मॉक इंटरव्यू और अनुशासित दिनचर्या ने आत्मविश्वास बढ़ाया और कमजोरियों को सुधारने का अवसर दिया।”
अभिभावकों ने इन सफलताओं पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है तथा रक्षा सेवाओं में करियर बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और भी मजबूत हुई है। इन उपलब्धियों से शहर के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
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