इंदौर एयरपोर्ट के हवाई इतिहास में वर्ष 2025 एक रिकॉर्ड वर्ष के रूप में दर्ज हो रहा है। 87 साल के इतिहास में पहली बार यात्रियों की संख्या 40 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, 1 जनवरी से 30 नवंबर 2025 के बीच इंदौर एयरपोर्ट से 40 लाख 47 हजार 358 यात्रियों ने सफर किया, जबकि इस दौरान करीब 30 हजार उड़ानों का संचालन हुआ। औसतन प्रतिदिन 11 हजार से अधिक यात्रियों और 82 उड़ानों का आवागमन दर्ज किया गया।
जनवरी से नवंबर के बीच नवंबर माह सबसे व्यस्त रहा, जब अकेले 4.23 लाख यात्रियों ने यात्रा की और 2,973 उड़ानें संचालित हुईं, जो
किसी भी एक महीने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। हालांकि दिसंबर की शुरुआत में 3 से 23 दिसंबर के बीच 250 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जिनका सबसे ज्यादा असर दिल्ली और मुंबई रूट पर पड़ा। रनवे मरम्मत के चलते एयरपोर्ट रात 10:30 बजे से सुबह 6:30 बजे तक बंद है, जिससे उड़ानों की संख्या में अस्थायी कमी आई है। फरवरी से एयरपोर्ट के 24 घंटे संचालित होने की संभावना है।
यात्रियों के आंकड़ों में मासिक उतार-चढ़ाव भी देखा गया। सितंबर में 2,393 उड़ानों के जरिए 3.35 लाख यात्रियों ने सफर किया, जो अगस्त की तुलना में कम रहा। इसके बावजूद कुल वार्षिक आंकड़े लगातार बढ़े हैं। इससे पहले 2023 में 35.39 लाख और 2019 में 30.24 लाख यात्रियों ने इंदौर एयरपोर्ट का उपयोग किया था।
वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट से देश-विदेश के 20 से अधिक शहरों के लिए सीधी उड़ानें संचालित हो रही हैं। ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार, रनवे सुधार के कारण एयरपोर्ट फिलहाल 18 घंटे ही संचालित हो रहा है, इसके बावजूद यात्रियों की बढ़ती संख्या एविएशन सेक्टर, पर्यटन और स्थानीय व्यापार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
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