इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। विरोध में कांग्रेस ने राजबाड़ा पर विशाल धरना आयोजित किया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और प्रदेश सरकार की लापरवाही पर जमकर निशाना साधा।
एक करोड़ मुआवजा, नौकरी व दोषी पर कार्रवाई की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी व पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा जैसे नेता उपस्थित रहे। पार्टी ने मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
महिलाओं के आंसू, पार्षद सड़क पर धरने पर
धरने में महापौर पुष्यमित्र भार्गव व नगर निगम पर तीखी नारेबाजी हुई। माहौल भावुक तब हो गया जब कई महिलाओं की आंखों से आंसू बहने लगे। भीड़ अधिक होने से पार्षद चिंटू चौकसे सहित कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठे। इसने शहर की जल आपूर्ति व प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए।

पटवारी का ऐलान: 8 दिन में मांगें मानो, वरना इंदौर बंद
पटवारी ने संबोधन में कहा, “कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। भाजपा सरकार ने मृतकों की कीमत मात्र 2 लाख आंकी, जो अन्याय है। 8 दिनों में मांगें पूरी न हुईं तो इंदौर बंद होगा।” उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की।
वार्डों में जल परीक्षण अभियान: सरकार की पोल खोलेगा
आंदोलन तेज करने को कांग्रेस 8 दिन बाद प्रत्येक वार्ड में दो वाहन भेजेगी। ये घर-घर पानी जांचेंगे व दूषित मिलने पर जनता को जागरूक करेंगे। पटवारी बोले, “सरकार एक गिलास साफ पानी भी नहीं दे पाई।”
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