इंदौर। सोच बदलती है, तो समाज बदलता है—इसी विश्वास के साथ रेनेसां यूनिवर्सिटी, इंदौर ने ‘थिंकइट – विचारों का मैराथन’ नामक अनोखी ओपन आइडिया इन्विटेशन शुरू की है। यह सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि रचनात्मक दिमागों के लिए एक ऐसा मंच है, जहां हर विचार को साझा करने और पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
रेनेसां यूनिवर्सिटी के चांसलर स्वप्निल कोठारी ने कहा, “थिंकइट कोई साधारण प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक जीवंत समुदाय मंच है। यहां निडर सोचने वाले और कल्पना करने वाले लोग एकजुट होंगे। आज विचारों का युग है—एक मजबूत आइडिया जिंदगी बदल सकता है, नया उद्यम खड़ा कर सकता है और समाज को नई दिशा दे सकता है। थिंकइट के जरिए हम हर किसी को अपनी सोच दुनिया तक पहुंचाने का मौका देंगे। हमारा मानना है कि भविष्य उन हाथों में है, जो गहराई से सोचते हैं, बड़े सपने देखते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।”
यह मंच उन अनोखे नजरिए वालों को सामने लाएगा, जो मौकों और चुनौतियों को नए आयाम से देखते हैं, समाधान ढूंढते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। 16 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति—छात्र, प्रोफेशनल, उद्यमी, स्टार्टअप फाउंडर, क्रिएटर या स्वतंत्र विचारक—भाग ले सकता है।
थिंकइट की खासियत? इसमें कोई विषय या क्षेत्र की पाबंदी नहीं। प्रतिभागी शिक्षा, टेक्नोलॉजी, पर्यावरण, स्वास्थ्य, सामाजिक मुद्दे, व्यवसाय, कला, नवाचार या किसी भी क्षेत्र से अपने मौलिक विचार पेश कर सकते हैं।
21 सबसे प्रभावशाली विचारों को कुल 21 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा, ताकि विजेता अपने आइडियाज को वास्तविक परियोजना या उद्यम में बदल सकें।
भागीदारी सरल: पहले बुनियादी पंजीकरण करें, फिर एसएमएस या व्हाट्सऐप पर विचार सबमिशन लिंक पाएं और लिखित रूप में अपना आइडिया शेयर करें।
कोठारी ने कहा, “यह पहल मध्य प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करेगी तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।” रेनेसां यूनिवर्सिटी सभी से अपील करती है—इस अवसर को हासिल करें और अपने विचारों को नई उड़ान दें।
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