इंदौर। नाबालिग से दुष्कर्म की घटना के बाद परिवहन विभाग ने बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के चल रही ऑनलाइन बाइक टैक्सी सेवाओं पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। रैपिडो के खिलाफ आरटीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन दिन पूर्व नोटिस जारी किया था। अब पुलिस सहयोग से ऐप बंद कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को एआरटीओ राजेश गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने स्मार्ट तरीके से कार्रवाई की। मोबाइल ऐप से खुद बुकिंग कर बाइक चालकों को बुलाया गया और पहुंचते ही 12 बाइक टैक्सियां जब्त कर ली गईं। बिना लाइसेंस संचालन का स्पष्ट उल्लेख करते हुए यह कार्रवाई की गई।
आरटीओ कार्यालय ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध) को पत्र भेजकर स्पष्ट किया कि रैपिडो को इंदौर में कोई ट्रेड लाइसेंस जारी या नवीनीकृत नहीं किया गया। फिर भी कंपनी ऐप के जरिए बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही थी। रैपिडो ट्रांसपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस देकर ऐप तत्काल बंद करने और स्पष्टीकरण मांगने के आदेश दिए गए हैं। जवाब न मिलने पर एकतरफा कानूनी कार्रवाई होगी।
पुलिस सहयोग से ऐप बंदी की कोशिश
एआरटीओ के अनुसार, 2021 से 2024 तक कई कंपनियों को ऐप बंद कराने के पत्र भेजे गए, लेकिन प्रत्यक्ष नियंत्रण न होने से सफलता नहीं मिली। अब पुलिस की मदद से कार्रवाई तेज हो रही है। इस सप्ताह शहर में रैपिडो चालक पर 17 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया, जिसमें आरोपी ने कपड़े दिलाने के बहाने उसे अपने कमरे ले जाकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
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