इंदौर: इस बार रंगपंचमी रविवार को पड़ने से इंदौर की मशहूर गेर की धूम और भी जबरदस्त होने वाली है। शहर की तंग गलियों में खुशियों और रंगों की बौछार के लिए पूरा शहर तैयार है। यह महज एक जुलूस नहीं, बल्कि इंदौर की वो अनूठी पहचान है जहां अनजान लोग भी अपने बन जाते हैं।
इंदौर की रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर शहर का एक ऐसा खास पर्व है जिसे देखने के लिए हर साल दूसरे शहरों से भी भारी तादाद में लोग यहां खिंचे चले आते हैं। इस दिन पुराने शहर की गलियों में रंगों के दीवाने बड़ी संख्या में जुलूस में शामिल होते हैं और रास्ते में खड़े लोगों पर रंग उड़ाते हुए आगे बढ़ते हैं।
गेर के दौरान आसमान में दूर-दूर तक रंगों के बादल छा जाते हैं। इस बेमिसाल नजारे का लुत्फ उठाने के लिए इस बार भी शहरवासी गेर मार्ग पर स्थित मकानों की छतें बुक कर सकेंगे और परिवार के साथ इस उत्सव का आनंद ले पाएंगे। पिछले साल भी प्रशासन ने यही व्यवस्था की थी जो बेहद सफल रही थी।
शीतला माता बाजार से लेकर गौराकुंड और खजूरी मार्केट तक की छतों से लोग गेर की रौनक का गवाह बन सकेंगे। गेर मार्ग पर पड़ने वाले घरों में अब छोटी-छोटी पार्टियों का चलन भी शुरू हो गया है, जहां लोग दोस्तों और रिश्तेदारों को बुलाकर रंगपंचमी का जश्न मनाते हैं। इस साल गेर मार्ग की आठ छतों पर 200 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इन छतों की बुकिंग बुक माय शो के जरिए होगी, जिसके लिए टिकट खरीदना होगा।
8 मार्च को रविवार होने की वजह से प्रशासन ने अलग से सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं किया है, लेकिन इसी कारण इस बार गेर में पहले से कहीं अधिक भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। करीब चार किलोमीटर लंबे गेर मार्ग पर प्रशासन ने तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी हैं। बिजली के तार और केबल हटाए जा रहे हैं और सड़कों की मरम्मत का काम भी तेजी से चल रहा है।
परंपरा के मुताबिक इस बार भी चार गेर इस जुलूस का हिस्सा होंगी। लगभग 100 फीट तक रंग उड़ाने में सक्षम विशेष रंग मिसाइलें भी तैयार की जा रही हैं। इसके साथ ही डीजे और भजन मंडलियां भी गेर की शोभा बढ़ाएंगी। नगर निगम की गेर भी इस जुलूस में शामिल रहेगी, हालांकि शहर में हाल ही में हुई कुछ घटनाओं के चलते मेयर पुष्यमित्र भार्गव इस बार गेर में हिस्सा नहीं लेंगे।
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