इंदौर में पारिवारिक विवाद और तलाक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। परिवार न्यायालय के आंकड़े बताते हैं कि संबंध विच्छेद और भरण-पोषण से जुड़े केस हर साल उछाल मार रहे हैं। इस स्थिति पर नजर रखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने शहर में ‘प्री-मैरिटल काउंसलिंग सेंटर’ शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन चार महीने बाद भी यह केंद्र अस्तित्व में नहीं आ सका है।
एक महीने में शुरू करने का था वादा
‘तेरे मेरे सपने’ नाम से प्रस्तावित यह केंद्र पिछले नवंबर में इंदौर महिला जनसुनवाई के दौरान आयोग अध्यक्ष विजया राहटकर ने घोषित किया था। स्थानीय प्रशासन ने इसे एक महीने में चालू करने का आश्वासन दिया था। काउंसलरों को आयोग द्वारा विशेष ट्रेनिंग भी दी जानी थी।
केंद्र का लक्ष्य: शादी से पहले रिश्ते मजबूत
केंद्र का उद्देश्य जोड़ों को विवाह पूर्व संवाद और समझ से लैस करना है, ताकि भविष्य में विवाद और तलाक कम हों। प्रशिक्षित काउंसलर जोड़ों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से चर्चा करेंगे, संभावित समस्याओं का पूर्वानुमान कर समाधान सुझाएंगे। आयोग के मुताबिक, यह मॉडल महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सफल रहा है। देशभर में 100 केंद्र खोलने का लक्ष्य है।
साइबर अपराध और AI पर भी पहल
महिलाओं की सुरक्षा के लिए आयोग ने ‘कैंपस कॉलिंग’ और ‘यशोदा AI’ जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं। ‘कैंपस कॉलिंग’ से कॉलेजों में छात्रों को साइबर अपराध व ऑनलाइन सुरक्षा की जानकारी दी जा रही है, जबकि ‘यशोदा AI’ महिलाओं को AI के जरिए डिजिटल रूप से सशक्त बना रहा है।
खातीवाला टैंक क्षेत्र में एक सामान्य परामर्श केंद्र चल रहा है, लेकिन प्री-मैरिटल सेंटर अभी शुरू नहीं हुआ। फिलहाल मौजूदा परिवार परामर्श केंद्रों पर ही आने वाले मामलों में समझाइश दी जा रही है।
– रजनीश सिन्हा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग
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