इंदौर। इंदौर की पावन नगरी में मानवता और सेवा भाव की प्रेरक मिसाल एक बार फिर सामने आई है। शुजालपुर के 34 वर्षीय सिविल इंजीनियर अनुपम नालमे ब्रेन हेमरेज से पीड़ित होकर केयर सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती थे, जहां चिकित्सकों ने ब्रेन डेथ की स्थिति की जानकारी दी।
परिवार का साहसिक निर्णय
परिवार के मित्र जवाहर दोषी के पुत्र विश्वास दोषी के 10 वर्ष पूर्व अंगदान से प्रेरित होकर नालमे परिवार ने मुस्कान ग्रुप से संपर्क किया। सेवादार जीतु बगानी और संदीपन आर्य ने काउंसलिंग की, जिसमें अनुपम के पिता जगदीश, बुआ डॉ. वर्षा, भाई अनुराग व जुबीन ने अंगदान की सहमति दी। पहला ब्रेन डेथ सर्टिफिकेशन शाम 5:13 बजे और दूसरा रात 12:00 बजे पूरा हुआ।
अंग प्रत्यारोपण का विवरण
दानदाता का लिवर केयर सीएचएल में 44 वर्षीय इंदौर महिला को, एक किडनी शैल्बी हॉस्पिटल में 34 वर्षीय रतलाम पुरुष को प्रत्यारोपित किया गया। दूसरी किडनी पहले केयर सीएचएल की 34 वर्षीय महिला को आवंटित हुई, किंतु स्थिति प्रतिकूल होने पर संभाग आयुक्त के संशोधित आदेश से शैल्बी की 55 वर्षीय इंदौर महिला को मिली। बेंगलुरु के डॉ. वचन एस. होकेरी व डॉ. नीरज जैन की टीम ने लिवर प्रत्यारोपण किया।

सहयोगी भूमिकाएं
हॉस्पिटल टीम में मनीष गुप्ता, डॉ. निखिलेश जैन, मोनिशा बगानी व डॉ. उत्तम पाटीदार ने व्यवस्था संभाली। SOTTO के डॉ. मनीष पुरोहित, निधि शर्मा व शुभम वर्मा ने एलोकेशन सुनिश्चित किया। सांसद शंकर लालवानी, आयुक्त डॉ. सुदाम खेड़े व डॉ. अरविंद धनघरिया ने निगरानी रखी। 4 मिनट का ग्रीन कॉरिडोर ट्रैफिक पुलिस ने बनाया।
सम्मान समारोह
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसमें मानव श्रृंखला बनाकर पुष्प वर्षा हुई। डिप्टी कलेक्टर ओम नारायण बड़कुल ने पुष्पमाला अर्पित की। शोक संवेदना में डॉ. विवेक जोशी, मनीष गुप्ता, जवाहर दोषी व मुस्कान ग्रुप ने धन्यवाद व्यक्त किया। मुस्कान ग्रुप ने सभी सहयोगियों का आभार जताया।
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