- 17 लाख के भुगतान के बदले कमीशन की मांग
- सहायक यंत्री और सब इंजीनियर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत किया गया गिरफ्तार
भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के दो अधिकारियों को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 7 अप्रैल 2025 को की गई जब एक विशेष ट्रैप दल ने सुनियोजित तरीके से दोनों अधिकारियों को घूस लेते हुए दबोच लिया।
शिकायत और पृष्ठभूमि
मामले की शुरुआत तब हुई जब ग्वालियर के रामनगर आदर्शपुरम निवासी राघवेन्द्र सिंह गुर्जर, जो सांई एसोसिएट फर्म में लायजनिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, ने लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से शिकायत दर्ज कराई। उनकी फर्म ने सितंबर 2025 में राऊ से बामपुरा तक इलेक्ट्रिक सिटिंग का ठेका कार्य 20 लाख रुपए में लिया था, जिसे एक माह में सफलतापूर्वक पूर्ण कर दिया गया। कार्य पूरा होने के बाद भी जीएसटी सहित 17 लाख रुपए का भुगतान अटका हुआ था।
शिकायत में बताया गया कि जब भी फर्म ने भुगतान के लिए अधिकारियों से संपर्क किया, तो दोनों ने कमीशन की मांग रखी। बिना रिश्वत दिए भुगतान जारी करने से इनकार कर दिया गया, जिससे परेशान होकर राघवेन्द्र सिंह गुर्जर ने लोकायुक्त पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
ट्रैप ऑपरेशन
शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय की निगरानी में शिकायत का सत्यापन किया गया। सत्यापन में मांग सही पाई जाने पर 7 अप्रैल को एक विशेष ट्रैप दल गठित किया गया। सुनियोजित योजना के तहत ट्रैप लगाते हुए दोनों अधिकारियों को उसी समय पकड़ा गया जब वे रिश्वत की रकम स्वीकार कर रहे थे — बालकुमार जैन को 60 हजार रुपए और धीरेंद्र कुमार नीमा को 30 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ दबोचा गया।
शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप दल गठित किया गया और दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। — लोकायुक्त पुलिस, इंदौर
कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Thank you for reading this post!
