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पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से लगाई न्याय की गुहार
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25 से 85 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर कई निवेशकों को बनाया शिकार, जान से मारने की भी दे रहे धमकी
इंदौर। हीरा नगर क्षेत्र में फर्जी कंपनियों की आड़ में करोड़ों रुपए की ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित भावेश नवीन देवगीर ने आज इंदौर प्रेस क्लब में अपने परिजनों के साथ पत्रकार वार्ता आयोजित कर बताया कि अंकित जोशी, उसकी पत्नी खुशबू झा, भाई अनुज जोशी, माता-पिता रमेश जोशी व जमुना जोशी तथा पार्टनर संदीप साहू ने मिलकर द क्लासिको ऑफिशियल, वाइब्रेंड फेशन, कुशांक इंडस्ट्रीज एवं शिवांक इंटरप्राइजेस के नाम पर उनके सहित कई निवेशकों से लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है।
भावेश ने बताया कि फरवरी-मार्च 2024 में इन लोगों ने उनसे संपर्क कर 25 से 85 प्रतिशत तक मुनाफे का लालच देकर उक्त फर्मों में निवेश करवाया। शुरुआत में कुछ मुनाफा मिलते देख अन्य लोगों ने भी इनकी फर्मों में पैसे लगाए, लेकिन बाद में रिफंड बंद कर दिया गया। जब निवेशकों ने अपना पैसा वापस माँगा तो इन लोगों ने झूठे मुकदमों में फँसाने, हत्या करवाने और बलात्कार के झूठे आरोप लगाने की धमकियाँ देना शुरू कर दिया।
पीड़ित के अनुसार सभी फर्में एएम 46, एमआईजी सुखलिया, इंदौर स्थित एक ही कार्यालय से संचालित की जाती हैं, जबकि प्रत्येक फर्म के अलग-अलग जीएसटी नंबर और करंट अकाउंट हैं। इन आरोपियों ने डी-मार्ट इंदौर एवं उज्जैन महाकाल के नाम से कुर्ते, टी-शर्ट और स्कूल यूनिफॉर्म के फर्जी कोटेशन तैयार कर और अधिक निवेशकों को जाल में फँसाने का षड्यंत्र भी रचा। जाँच में सामने आया कि डी-मार्ट स्वयं अपने कपड़ों की मैन्युफेक्चरिंग करती है और किसी थर्ड पार्टी को ऑर्डर नहीं देती।
भावेश ने यह भी बताया कि आरोपियों ने कुछ निवेशकों के क्रेडिट कार्ड भी दबाव बनाकर अपने कब्जे में कर लिए हैं। उनके पास रुपए लौटाने के वादे और धमकियों के वीडियो फुटेज सहित निवेश के दस्तावेज भी मौजूद हैं। इस मामले में इंदौर पुलिस आयुक्त को वैधानिक कार्रवाई हेतु आवेदन दिया जा चुका है।
भावेश ने भावुक होते हुए कहा कि इन लोगों की प्रताड़ना से वे गहरे अवसाद में आ गए हैं और अपनी स्थिति से इतने टूट चुके हैं कि उनके सामने कोई रास्ता नहीं बचा। उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
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