विश्व लिवर दिवस: केयर सीएचएल हॉस्पिटल में जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण सलाह
इंदौर: विश्व लिवर दिवस 2026 के अवसर पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर में “लिवर हेल्थ एंड अवेयरनेस प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लिवर से जुड़ी बीमारियों, उनके बढ़ते खतरे, समय पर जांच, आधुनिक उपचार और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी जीवनरक्षक सुविधाओं पर विस्तृत जानकारी साझा की।
विशेषज्ञों ने बताया कि आज की अनियमित जीवनशैली, असंतुलित खानपान, मोटापा, शराब सेवन, वायरल संक्रमण और मधुमेह के कारण फैटी लिवर, सिरोसिस, हेपेटाइटिस और लिवर फेलियर जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने समय रहते जांच और सही जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उन 17 मरीजों ने भी हिस्सा लिया, जिनका केयर सीएचएल अस्पताल में सफल लिवर ट्रांसप्लांट हो चुका है। इनमें लिविंग डोनर और कैडेवर, दोनों प्रकार के ट्रांसप्लांट शामिल थे। सभी का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी मनीष पुरोहित, SOTTO की निधि शर्मा तथा मुस्कान ग्रुप के जितु बागानी और संदीपन आर्य भी मौजूद रहे। उन्होंने अंगदान और लिवर ट्रांसप्लांट के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉक्टरों ने बताया कि लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पाचन, विषैले तत्वों को बाहर निकालने, ऊर्जा संग्रह और कई जरूरी शारीरिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है। इसकी अनदेखी गंभीर परिणाम दे सकती है।
कार्यक्रम में मरीजों और उनके परिजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समय पर इलाज से उन्हें नई जिंदगी मिली। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।
क्लीनिकल डायरेक्टर डॉ. सी.पी. कोठारी ने कहा कि आधुनिक लेप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी तकनीकों से इलाज अधिक सुरक्षित और प्रभावी हुआ है, जिससे मरीजों को कम दर्द और जल्दी रिकवरी मिलती है।
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज जैन ने हेपेटाइटिस बी और सी को लिवर रोगों का बड़ा कारण बताते हुए वैक्सीनेशन और नियमित जांच की आवश्यकता बताई।
डॉ. रविंद्र काले ने कहा कि तला-भुना भोजन, जंक फूड और शारीरिक निष्क्रियता फैटी लिवर को बढ़ावा देती है, जबकि व्यायाम और संतुलित आहार से इससे बचाव संभव है।
लिवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. वचन एस. हुकेरी ने बताया कि अंतिम अवस्था में लिवर ट्रांसप्लांट जीवन बचाने का प्रभावी माध्यम है। आधुनिक तकनीकों के कारण यह प्रक्रिया अब अधिक सुरक्षित और सफल हो चुकी है। उन्होंने अंगदान को बढ़ावा देने की अपील की।
डॉ. अमित गांगुली ने कहा कि लिवर रोगों के शुरुआती लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते, इसलिए नियमित जांच बेहद जरूरी है। थकान, भूख में कमी, पीलिया या पेट दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विधायक गोलू शुक्ला ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता आज की सबसे बड़ी जरूरत है और ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल के एचसीओओ मनीष गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में लिवर रोगों की जांच, एंडोस्कोपी, उन्नत सर्जरी, क्रिटिकल केयर और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल इलाज ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी है।
उन्होंने संदेश दिया कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, नशे से दूरी और समय-समय पर जांच से अधिकांश लिवर रोगों से बचाव संभव है। अस्पताल भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
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