इंदौर। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ई-रिक्शा संचालन को रंग आधारित चार जोन में विभाजित किया गया है। जोन-1 में नीले, जोन-2 में पीले, जोन-3 में लाल और जोन-4 में सफेद रंग के ई-रिक्शा संचालित होंगे। अब ई-रिक्शा के तय मार्गों की पहचान उनके रंगों के माध्यम से आसानी से की जा सकेगी।
अब तक 6079 ई-रिक्शा चालकों ने पंजीयन कराया है और वाहनों की रंगाई का कार्य एमटीएच कंपाउंड थाना परिसर में जारी है। हालांकि, राजवाड़ा क्षेत्र को पहले ई-रिक्शा मुक्त घोषित किया गया था, लेकिन वर्तमान में यहां फिर से ई-रिक्शा चालकों की आवाजाही देखने को मिल रही है।
शहर में लगभग 10,500 ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। इनके रूट इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं कि प्रत्येक ई-रिक्शा प्रतिदिन 80 से 100 किलोमीटर तक चल सके। यदि कोई ई-रिक्शा अपने निर्धारित जोन से बाहर सवारी ले जाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।
यातायात विभाग के अतिरिक्त डीसीपी संतोष कौल के अनुसार, पंजीकृत ई-रिक्शा के निचले हिस्से को आगे से पीछे तक संबंधित जोन के रंग में रंगा जा रहा है और उनके कांच पर जोन नंबर भी अंकित किया जा रहा है, ताकि उनकी पहचान आसान हो सके। रंगाई पूर्ण होने के बाद ही ई-रिक्शा अपने निर्धारित मार्गों पर संचालित होंगे। बिना पंजीयन वाले ई-रिक्शा सड़क पर आने पर आसानी से चिन्हित किए जा सकेंगे, जिन पर चालानी और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, राजवाड़ा क्षेत्र में अनधिकृत रूप से संचालित ई-रिक्शा पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लगातार नियमों का उल्लंघन करने वाले 210 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उनके प्रकरण क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को भेजे गए हैं। यह कदम सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात नियमों के सख्त पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वहीं, यातायात पुलिस की व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर गुरुवार तक कुल 2656 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2618 का निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष 38 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है।
Thank you for reading this post!
