इंदौर। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, नंदानगर, इंदौर में 40 वर्ष से अधिक आयु के बीमित व्यक्तियों (आईपी) के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम का शुभारंभ गरिमामय वातावरण में किया गया। यह कार्यक्रम देशभर के 12 प्रमुख ईएसआईसी चिकित्सा संस्थानों में एक साथ आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहल का हिस्सा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ इंदौर के लोकप्रिय सांसद माननीय शंकर लालवानी द्वारा पंचदीप प्रज्ज्वलन एवं शिलापट्ट अनावरण के साथ किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के श्रम आयुक्त आईएएस संदीप जी. आर., चिकित्सा आयुक्त (पश्चिमी अंचल) डॉ. दीपिका गोविल, ईएसआईसी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, इंदौर के डीन डॉ. राजेश संग्राम, ईएसआईसी मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक संजीव मिश्र तथा कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के संचालक डॉ. सी. जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में डीन डॉ. राजेश संग्राम ने स्वागत उद्बोधन देते हुए वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण एवं गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अपने संबोधन में ईएसआईसी मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक संजीव मिश्र एवं चिकित्सा आयुक्त डॉ. दीपिका गोविल ने बीमित श्रमिकों से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समय पर जांच से कई गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव है और इससे स्वस्थ जीवन सुनिश्चित किया जा सकता है।
श्रम आयुक्त संदीप जी. आर. ने श्रमिक कल्याण योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ श्रमिक ही राष्ट्र की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव हैं।
मुख्य अतिथि सांसद शंकर लालवानी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री द्वारा लोकसभा में व्यक्त स्वास्थ्य संबंधी दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि श्रमिकों के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण आज की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख लाल मांडविया द्वारा प्रारंभ किए गए इस राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य जांच अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि निवारक स्वास्थ्य जांच के माध्यम से लाखों लोगों को भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न स्वास्थ्य अध्ययनों एवं विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से यह स्पष्ट हुआ है कि समय पर स्वास्थ्य परीक्षण न केवल बीमारियों की शीघ्र पहचान में सहायक है, बल्कि भविष्य में होने वाले भारी चिकित्सा व्यय को भी कम करने में मददगार साबित होता है। उन्होंने सभी बीमित व्यक्तियों से इस स्वास्थ्य सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी अतिथियों, अधिकारियों, चिकित्सा समुदाय, नियोक्ता प्रतिनिधियों, बीमित बंधुओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों का कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।
ईएसआईसी द्वारा आयोजित यह वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम श्रमिकों के समग्र स्वास्थ्य संरक्षण, रोगों की समय पर पहचान तथा स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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