फुटबॉल जितनी विशाल गांठ निकालकर डॉक्टरों ने बचाई महिला की जान
इंदौर । इंदौर के CARE CHL Hospitals में डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ मेडिकल केस का सफलतापूर्वक इलाज कर महिला को नई जिंदगी दी। महिला पेट में तेज दर्द और अत्यधिक ब्लीडिंग की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी। जांच में सामने आया कि उसके पेट में फुटबॉल के आकार की विशाल फाइब्रॉइड गांठ मौजूद थी, जो आकार में लगभग 7 से 8 महीने की गर्भावस्था जितनी बड़ी हो चुकी थी।
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई थी क्योंकि करीब चार महीने पहले मरीज को दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारी “वीनस हेमोरैजिक इन्फार्क्ट” हो चुका था। इस दौरान न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मनोरंजन बरनवाल की निगरानी में मरीज का इलाज किया गया। मरीज ब्लड थिनर दवाओं पर थी, जिससे सर्जरी का जोखिम कई गुना बढ़ गया था।
मरीज की स्थिति स्थिर होने के बाद गायनेकोलॉजी, न्यूरोलॉजी और एनेस्थीसिया विभाग की विशेषज्ञ टीम ने विस्तृत योजना बनाकर ऑपरेशन किया। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने करीब 2.5 से 3 किलो वजनी फुटबॉल के आकार की विशाल फाइब्रॉइड गांठ और बच्चेदानी को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। ऑपरेशन के दौरान ब्लीडिंग को नियंत्रित रखना टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही, जिसे विशेषज्ञों ने कुशलता से संभाला।
सीनियर कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. नीना अग्रवाल ने बताया कि मरीज की हालिया न्यूरोलॉजिकल स्थिति और ब्लड थिनर के कारण सर्जरी का सही समय तय करना बेहद महत्वपूर्ण था। मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की रणनीति और समन्वय से सुरक्षित ऑपरेशन संभव हो सका। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और उसे निगरानी में रखा गया है।
वहीं सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनोरंजन बरनवाल ने कहा कि मरीज की गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति को देखते हुए उपचार के दौरान हर कदम बेहद सावधानी से उठाया गया। लगातार मॉनिटरिंग और विशेषज्ञ टीम के समन्वय के चलते सुरक्षित सर्जरी संभव हो सकी और मरीज अब तेजी से रिकवर कर रही है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अब इंदौर में ही आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जिससे मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा और उन्हें समय पर बेहतर इलाज मिल रहा है।
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