- जुलाई से दौड़ेंगी 1688 बसें
- पीएम ई-बस सेवा के तहत इंदौर को मिलेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें
- शहर से लेकर पड़ोसी राज्यों तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी
इंदौर। प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का संचालन सबसे पहले इंदौर संभाग से शुरू किया जाएगा। मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
योजना के तहत जुलाई 2026 से इंदौर क्षेत्र में इंटरसिटी, सिटी और अंतर्राज्यीय बस सेवाओं का संचालन शुरू होगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत इंदौर शहर में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें भी सड़कों पर उतरेंगी।
इंदौर बनेगा प्रदेश का पहला मॉडल ट्रांसपोर्ट रीजन
बैठक में प्रस्तुत योजना के अनुसार इंदौर संभाग के सभी जिलों को जोड़ने के साथ-साथ इंदौर से मध्यप्रदेश के अन्य शहरों के लिए इंटरसिटी बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। शहर और आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों में सिटी बसों का विस्तार किया जाएगा, वहीं महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए भी नई अंतर्राज्यीय बस सेवाएं संचालित होंगी।
इंदौर क्षेत्र में 250 मार्गों पर चलेंगी 1688 बसें
योजना के तहत इंदौर क्षेत्र में कुल 250 मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिन पर 1688 बसों का संचालन प्रस्तावित है।
- 121 इंटरसिटी मार्गों पर 608 बसें
- 28 सिटी एवं उपनगरीय मार्गों पर 784 बसें (जिसमें 150 इलेक्ट्रिक बसें शामिल)
- 101 अंतर्राज्यीय मार्गों पर 276 बसें
इन सभी सेवाओं का संचालन अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) के माध्यम से किया जाएगा।
शहर से गांव और पड़ोसी राज्यों तक बेहतर सफर
नई व्यवस्था लागू होने के बाद इंदौर से धार, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा और बुरहानपुर सहित पूरे संभाग में बस कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, उदयपुर, कोटा और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों तक यात्रा करने वाले यात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पूरे प्रदेश में 5206 बसों का होगा संचालन
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत मध्यप्रदेश को सात परिवहन क्षेत्रों – इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा – में विभाजित किया गया है। प्रदेशभर में 1164 मार्गों पर कुल 5206 बसों के संचालन की योजना बनाई गई है।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस स्टैंड, आईएसबीटी और यात्रियों से जुड़ी सभी सुविधाओं को व्यवस्थित किया जाए। बसों की सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण और संचालन की निगरानी के लिए अलग व्यवस्थाएं भी बनाई जाएंगी।
इंदौर के लिए यह योजना सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन पहले से अधिक सुगम और आधुनिक हो सकेगा।
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