इंदौर। समाज में शिक्षा, भूखमुक्त भारत और स्वच्छ ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से काम कर रहे गुमनाम नायकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ‘2030 का भारत’ संस्था ने गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 (GIAA-3) के लिए निःशुल्क नामांकन आमंत्रित किए हैं। इस पहल का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित करना है, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार की इच्छा के समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहे हैं।
संस्था के अनुसार, इस वर्ष क्वालिटी एजुकेशन, जीरो हंगर और अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों का चयन कर उन्हें राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाएगा।
‘2030 का भारत’ के संस्थापक डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि देश में वास्तविक बदलाव केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि उन लोगों के प्रयासों से आता है जो वर्षों से समाज के वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को राष्ट्रीय मंच देने का प्रयास है। यह पुरस्कार का तीसरा संस्करण है। इससे पहले आयोजित दो संस्करणों में सात हिंदीभाषी राज्यों के 21 समाजसेवियों और परिवर्तनकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
आयोजन समिति ने सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है जो शिक्षा, भूखमुक्त समाज या स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रभावी कार्य कर रहा है, तो उसका नामांकन अवश्य भेजें। सभी प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया जाएगा और चयनित व्यक्तियों को गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 से सम्मानित किया जाएगा।
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