फिर चलने लगा अपने पैरों पर
इंदौर । इंदौर के शैल्बी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के स्पाइन सर्जरी विभाग ने एक दुर्लभ और बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 130 डिग्री तक टेढ़ी रीढ़ और पैरों में लकवे की समस्या से जूझ रहे एक बच्चे को नई जिंदगी दी है। करीब 13 घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी के बाद बच्चे के पैरों में दोबारा संवेदनाएं लौट आई हैं और वह फिर से चलने लगा है।
शैल्बी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के स्पाइन सर्जन डॉ. प्रणव कुमार ने बताया कि बच्चे को इडियोपैथिक स्कोलियोसिस था, जो रीढ़ की हड्डी के असामान्य रूप से टेढ़ा होने की सबसे सामान्य बीमारी मानी जाती है। सामान्यतः 50 डिग्री से अधिक टेढ़ी रीढ़ को गंभीर माना जाता है, जबकि इस बच्चे की रीढ़ लगभग 130 डिग्री तक मुड़ चुकी थी। एक्स-रे और सीटी स्कैन में स्थिति अत्यंत गंभीर सामने आई। इलाज की तैयारी के दौरान बच्चे के पैरों में लकवे के लक्षण दिखाई देने लगे और उसे पेशाब करने में भी परेशानी होने लगी, जिसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया।
डॉ. कुमार के अनुसार, ऑपरेशन सुबह शुरू होकर रात करीब 11 बजे तक चला। पहले चरण में रीढ़ की हड्डी को शरीर के अगले हिस्से से मुक्त किया गया। इसके बाद पीछे की ओर से स्क्रू लगाकर रीढ़ को सीधा करने का प्रयास किया गया। जब अपेक्षित परिणाम नहीं मिला तो रीढ़ की कुछ हड्डियों को नियंत्रित तरीके से काटकर उनका दोबारा संतुलन बनाया गया। कई चरणों में पूरी हुई इस जटिल प्रक्रिया के बाद रीढ़ को संतुलित स्थिति में लाया गया। सर्जरी के चार दिन बाद ही बच्चे के पैरों में हरकत लौट आई और उसकी स्थिति लगातार बेहतर हो रही है।
उन्होंने बताया कि बच्चों की रीढ़ में किसी भी प्रकार का टेढ़ापन दिखाई देने पर उसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर कई मामलों में व्यायाम और नियमित उपचार से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। विशेष रूप से 5 से 7 वर्ष तथा 12 से 15 वर्ष की आयु के दौरान बच्चों की हड्डियों का विकास तेजी से होता है, इसलिए इस अवधि में स्कोलियोसिस भी तेजी से बढ़ सकता है। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
शैल्बी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल इंदौर के सीओओ श्री वेंकटेश्वर, डिप्टी सीएओ श्री अभिषेक चौरसिया और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य प्रत्येक मरीज को सुरक्षित, समयबद्ध और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की जटिल सर्जरी विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक तकनीक और समर्पित मेडिकल टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है तथा भविष्य में भी अस्पताल कठिन से कठिन मामलों का सफल उपचार करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.
Thank you for reading this post!
