इंदौर बायपास पर अब नहीं बनेगा 150 करोड़ का डबल डेकर ब्रिज
इंदौर। इंदौर बायपास पर रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए कनाड़िया रोड जंक्शन पर प्रस्तावित करीब 150 करोड़ रुपये की डबल डेकर ब्रिज परियोजना को रद्द कर दिया गया है। अब इसकी जगह 6-लेन अंडरपास बनाने की तैयारी की जा रही है। तकनीकी जटिलताओं और बढ़ती लागत को देखते हुए इस नए विकल्प को अधिक व्यावहारिक माना गया है।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने राज्य के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को प्रस्ताव भेजकर इस परियोजना पर जल्द काम शुरू करने का अनुरोध किया है।
1000 एकड़ की नई टाउनशिप बढ़ाएंगी ट्रैफिक का दबाव
आईडीए के अनुसार बायपास के आसपास विकसित हो रही करीब 1000 एकड़ की तीन नई टाउनशिप आने वाले वर्षों में यातायात का दबाव कई गुना बढ़ा देंगी। डबल डेकर ब्रिज केवल कनाड़िया चौराहे की समस्या का सीमित समाधान करता, जबकि पूरे बायपास पर निर्बाध यातायात के लिए एमआर-10 की तर्ज पर फ्री-फ्लो ट्रैफिक सिस्टम अधिक प्रभावी रहेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले दो से तीन वर्षों में वर्तमान व्यवस्था पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाएगा।
मौजूदा व्यवस्था अब पड़ रही छोटी
एनएचएआई द्वारा कनाड़िया और बिचौली हप्सी पर बनाए गए दो-लेन बॉक्स टाइप फ्लाईओवर अब ट्रैफिक के लिहाज से पर्याप्त नहीं रह गए हैं।
- दोनों फ्लाईओवर 8 से 10 वर्ष पुराने हैं।
- दो-लेन होने के कारण पीक आवर्स में लंबा जाम लगता है।
- मांगलिया और देवगुराड़िया की ओर से आने वाले वाहनों के कारण सर्विस रोड पर भी लगातार यातायात प्रभावित रहता है।
- आईडीए ने इन स्ट्रक्चर को अपग्रेड कर एमआर-10 जैसी फ्री-फ्लो व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया है।
रोजाना 50 हजार अतिरिक्त वाहन बढ़ने का अनुमान
आईडीए की टीपीएस-4, टीपीएस-5 और टीपीएस-9 परियोजनाओं के तहत विकसित हो रही नई टाउनशिप भविष्य में ट्रैफिक का बड़ा कारण बनेंगी।
मास्टर प्लान के अनुसार कनाड़िया और बिचौली हप्सी रोड का चौड़ीकरण किया जा रहा है। वहीं बायपास की सर्विस रोड को चौड़ा करने और अंडरग्राउंड यूटिलिटी शिफ्टिंग की डीपीआर भी तैयार की जा रही है। इन क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियां बढ़ने के साथ वाहनों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि होगी।
वर्तमान में एमआर-9, कनाड़िया और बिचौली हप्सी जंक्शन से प्रतिदिन करीब एक लाख वाहन गुजरते हैं। नई टाउनशिप विकसित होने के बाद इस संख्या में करीब 50 हजार अतिरिक्त वाहनों की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
क्यों रद्द हुई डबल डेकर ब्रिज परियोजना?
आईडीए ने कनाड़िया रोड की समानांतर आंतरिक सड़क को जोड़ते हुए डबल डेकर ब्रिज का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन विस्तृत जांच के बाद इसे व्यवहारिक नहीं माना गया।
इसके पीछे दो प्रमुख कारण सामने आए—
- तकनीकी चुनौती: 108 मीटर लंबे मल्टीलेवल स्ट्रक्चर और कनाड़िया रोड से फ्रंट रैंप का निर्माण बेहद जटिल था।
- बढ़ती लागत: परियोजना की लागत 150 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच रही थी, जबकि इससे केवल कनाड़िया जंक्शन की समस्या का आंशिक समाधान ही संभव था।
इसी वजह से अब इस स्थान पर 6-लेन अंडरपास और फ्री-फ्लो ट्रैफिक व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
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