इंदौर — खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश के निर्देशों और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में जिला खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर के कई प्रमुख होटलों तथा श्री खजराना गणेश मंदिर परिसर में प्रसाद बनाने और बेचने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की। टीम ने स्वच्छता, भंडारण व्यवस्था, निर्माण प्रक्रिया और अन्य सुरक्षा मानकों को परखा और जांच के लिए कई खाद्य नमूने एकत्र किए।
इनफिनिटी होटल, रिंग रोड
यहाँ सफाई और भंडारण संतोषजनक मिला। पनीर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और मूंग मोगर के चार नमूने लिए गए। कमियों में शामिल रहे — दो रेफ्रिजरेटरों में तापमान निगरानी उपकरण न होना, कैलिब्रेशन रिकॉर्ड का अभाव, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस दस्तावेज़ों की कमी, भंडारण में FIFO नियम का ठीक से पालन न होना, और कच्चे व तैयार खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्टों का न मिलना।
श्रीमाया होटल, एबी रोड
रसोई स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित पाई गई; भंडारण, तापमान नियंत्रण और उपकरण कैलिब्रेशन भी ठीक मिले, बर्तन भी जंगरहित थे। हालांकि पानी की जांच रिपोर्ट अधूरी थी — इसमें कीटनाशक अवशेष और भारी धातुओं की जांच शामिल नहीं थी; प्रबंधन को इसे पूरा कराने के निर्देश दिए गए। पनीर, भुनी मूंगफली, पावभाजी मसाला और मीट मसाला के चार नमूने लिए गए।
खजराना गणेश मंदिर परिसर
यहाँ थोक और फुटकर प्रसाद विक्रेताओं के करीब 8-10 काउंटरों का निरीक्षण हुआ। विक्रेताओं को फूड लाइसेंस स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने तथा प्रसाद में उपयोग होने वाले खाद्य रंगों को निर्धारित मात्रा में ही इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई।
एकदंत प्रसाद भंडार में लड्डू अस्वच्छ माहौल में बनते पाए गए — फर्श गंदे थे, लाइसेंस प्रदर्शित नहीं था, और कच्चे माल का रखरखाव अव्यवस्थित था। भालचंद्र प्रसाद भंडार में भी स्थिति समान रही — फर्श चिपचिपे और तैलीय थे, कर्मचारी चप्पल पहनकर निर्माण क्षेत्र में आते-जाते देखे गए, और किसी का भी मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं था। मोतीचूर लड्डू, बेसन लड्डू और मोदक सहित करीब 8 नमूने भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
फेयरफील्ड बाय मैरियट, रिंग रोड
तुअर दाल, पनीर और डेसिकेटेड नारियल पाउडर के तीन नमूने लिए गए। यहाँ शाकाहारी-मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे मिले, अधिकांश डस्टबिन खुले थे और गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण नहीं हो रहा था। स्टोर रूम में कॉकरोच मिलना एक गंभीर हाइजीन चूक मानी गई। कच्चे माल के पैकेटों पर आसानी से हटाए जा सकने वाले लेबल पाए गए, और बुफे में कई रेडी-टू-ईट पदार्थ बिना ढके रखे थे, जिससे संदूषण की आशंका जताई गई। पानी की जांच रिपोर्ट भी अधूरी पाई गई।
13 सितंबर (रविवार) की कार्रवाई
- श्री गुरु कृपा रेस्टोरेंट, विजय नगर — फूड टेस्टिंग, वाटर टेस्टिंग और मेडिकल फिटनेस, तीनों रिपोर्टें मौके पर नहीं मिलीं।
- द रेड मेपल व होटल मशाल — सफाई-भंडारण ठीक था, पर लाइसेंस प्रदर्शित नहीं था, मेडिकल व वाटर रिपोर्ट गायब थीं, कुछ पैकेट खुले/सीलन युक्त मिले, दो डीप फ्रीजरों में तापमान डिस्प्ले नहीं था। पनीर व सॉस के 5 नमूने लिए गए।
- शेफ भूपीज़ किचन, राऊ — मेडिकल फिटनेस व वाटर रिपोर्ट नदारद, भंडारण अव्यवस्थित, कुछ पैकेट फटे मिले जिनसे सामग्री लीक हो रही थी। पनीर, हल्दी और धनिया पाउडर के 3 नमूने लिए गए।
- पंजाबी ढाबा, सिलिकॉन सिटी, राऊ — रसोई गंदी, दीवारों पर तेल का रिसाव, बिल्लियों का आना-जाना, फ्रिज में एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक, वेज-नॉनवेज साथ रखे मिले। पनीर व चना मसाला के नमूने लिए गए।
- गुरुकृपा होटल, सरवटे बस स्टैंड — सफाई संतोषजनक, पर मेडिकल फिटनेस व ताज़ा वाटर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। वेज मंचूरियन और वेज लॉलीपॉप के नमूने लिए गए।
कुल मिलाकर
दो दिनों में करीब 31 नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। कमी पाए गए प्रतिष्ठानों को नियमानुसार नोटिस भेजे जा रहे हैं। विभाग ने दोहराया कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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