Indore : इंदौर संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार और झाबुआ कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने झाबुआ जिले के खेड़ी गांव में किसान विमल भाबोर के खेत का दौरा किया। दोनों अधिकारियों ने खेत में बने घर में किसान के साथ बैठकर प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रक्रिया तथा उनके अनुभवों पर चर्चा की।
कल्याणपुरा क्षेत्र में 125 किसानों का क्लस्टर तैयार कर प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी पहल से जुड़कर किसान विमल भाबोर भी प्राकृतिक एवं जैविक पद्धति से खेती कर रहे हैं। उनकी जैविक खेती का यह दूसरा वर्ष है और जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया फिलहाल प्रथम चरण में है।
साठी मक्का की फसल का किया अवलोकन
किसान भाबोर ने अधिकारियों को बताया कि उनके खेत में साठी मक्का की फसल लगी है। उन्होंने बताया कि फसल की स्थिति अच्छी है और अभी तक किसी तरह का कीट प्रकोप नहीं हुआ है। संभागायुक्त और कलेक्टर ने खेत में लगी साठी मक्का की फसल का अवलोकन किया और भुट्टे का स्वाद भी लिया। इस दौरान उन्होंने फसल की गुणवत्ता और संभावित उत्पादन की जानकारी ली।
किसान ने बताया कि प्राकृतिक और जैविक पद्धति से वे गेंदे के फूल, विभिन्न सब्जियां, पपीता और ड्रैगन फ्रूट की खेती भी कर रहे हैं। अधिकारियों ने खेत में इन फसलों का भी निरीक्षण किया और फसल प्रबंधन, उत्पादन तथा प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के इस्तेमाल के बारे में जानकारी ली।
जीवामृत और प्राकृतिक कीटनाशक बनाने की प्रक्रिया देखी
संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने प्राकृतिक खेती में इस्तेमाल होने वाले जीवामृत, प्राकृतिक कीटनाशक, माइकोराइजा और दशपर्णी काढ़े को तैयार करने की प्रक्रिया भी देखी। उन्होंने किसान से इनके निर्माण की विधि, उपयोगिता और फसलों में इनके इस्तेमाल से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली।
इस दौरान किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती से जुड़े अनुभव साझा करने के लिए मंच उपलब्ध कराने तथा बेहतर कृषि पद्धतियों के आदान-प्रदान पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने क्लस्टर आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने और जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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