इंदौर: माँ अहिल्या की नगरी इंदौर में अंगदान के माध्यम से मानवता और परोपकार की एक और प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर में उपचार के दौरान कटनी निवासी 56 वर्षीय बर्तन व्यवसायी सुनील कुमार ताम्रकार के अंगदान से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन और बेहतर स्वास्थ्य मिलने की उम्मीद जगी है। यह इंदौर में संपन्न हुआ 70वां अंगदान है।
सुनील कुमार ताम्रकार ब्रेन हेमरेज के बाद केयर सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती थे। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को संभावित ब्रेन डेथ के रूप में चिह्नित किया। इस कठिन समय में उनकी धर्मपत्नी एडवोकेट तृप्ति ताम्रकार ने अंगदान का निर्णय लेकर मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।
तृप्ति ताम्रकार अपनी सहेली स्वर्गीय एडवोकेट अभिजीता राठौर के 10 माह पूर्व हुए अंगदान से प्रेरित थीं। उनके भाई शासकीय अधिवक्ता अभिजीत राठौर एवं अधिवक्ता तनुजा मलकापुरकर ने भी परिवार को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया। मुस्कान ग्रुप के सेवादारों से संपर्क और परामर्श के बाद परिवार ने अंगदान की सहमति प्रदान की।
ताम्रकार गुर्दा रोग से भी पीड़ित थे। वहीं, तकनीकी कारणों से हृदय और फेफड़ों का दान संभव नहीं हो सका। चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद नियमानुसार उनका लिवर, नेत्र और त्वचा दान किए गए, जिससे जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिल सकेगा।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ अंगदान
अंगदान की प्रक्रिया के अंतर्गत पहला ब्रेन डेथ सर्टिफिकेशन शाम 5 बजे और दूसरा रात 11:30 बजे संपन्न हुआ। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के नोडल ऑफिसर डॉ. मनीष पुरोहित एवं निधि शर्मा ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करवाई।
दानदाता का लिवर केयर सीएचएल हॉस्पिटल में ही भर्ती इंदौर निवासी 58 वर्षीय पुरुष मरीज को प्रत्यारोपित किया गया। नेत्रदान एमके इंटरनेशनल आई बैंक तथा त्वचा का दान चोइथराम स्किन बैंक को सौंपा गया। इन अंगों और ऊतकों का उपयोग जरूरतमंद मरीजों के उपचार में किया जाएगा।
मुस्कान ग्रुप और अस्पताल की टीम का रहा सहयोग
अंगदान की पूरी प्रक्रिया के समन्वय में मुस्कान ग्रुप के सेवादार जीतू बगानी, संदीपन आर्य, उमेश कुंडल एवं लक्की खत्री की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल की ओर से एचसीओओ तारिक ताजदार, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुरेंद्र सिंह परिहार, सीनियर इंटेंसिविस्ट डॉ. निखिलेश जैन, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर मोनिशा बगानी एवं उत्तम पाटीदार ने प्रक्रिया को सफल बनाने में विशेष सहयोग दिया।
इस दौरान इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, संभागायुक्त डॉ. भास्कर लाक्षाकार एवं एप्रोप्रिएट अथॉरिटी डॉ. अरविंद धनघरिया द्वारा पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी की गई।
शासकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
दिवंगत सुनील कुमार ताम्रकार को मध्य प्रदेश शासन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार के इस परोपकारी निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री भी इस अवसर पर शामिल होने वाले थे, लेकिन व्यस्त कार्यक्रम के कारण उपस्थित नहीं हो सके। सांसद लालवानी ने उनकी ओर से भी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इस पुनीत कार्य में तृप्ति ताम्रकार, उनकी पुत्री कुमकुम, पुत्र यशवर्धन एवं साले पुनम वर्मा का विशेष योगदान रहा। परिवार के इस निर्णय ने यह संदेश दिया कि कठिन से कठिन परिस्थिति में भी अंगदान के माध्यम से दूसरों को जीवन देने की राह दिखाई जा सकती है। सुनील कुमार ताम्रकार का यह योगदान अनेक जरूरतमंद मरीजों के लिए आशा की किरण बनेगा।
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