इंदौर: इंदौर ने अनंत चतुर्दशी की रात 101वीं बार झिलमिलाती झांकियों से जगमगाई। 12 घंटे की इस अद्भुत यात्रा में, झांकियां शहर के दिल को छूती हुई लगभग 6 किलोमीटर का सफर तय किया। रास्ते में, लाखों की संख्या में लोग उमड़े, जिनमें कई अन्य शहरों से भी आए थे। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
शहर की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। 3 हजार से अधिक जवानों के साथ-साथ ड्रोन से भी निगरानी रखी गई। हाल ही में हुई एक घटना के बाद पुलिस अत्यंत सतर्क थी, इसलिए अखाड़ों को हथियार लाने की अनुमति नहीं दी गई थी।

शाम होते ही, चिकमंगलूर चौराहे से झांकियों का कारवां रवाना हुआ और सुबह भंडारी ब्रिज पर जाकर समाप्त हुआ। रास्ते में, लोगों ने झांकियों का जोरदार स्वागत किया। घरों की छतों और बालकनियों से फूलों की वर्षा होती रही।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भजन गाकर माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। किन्नरों ने झांकियों पर पुष्प वर्षा की और उज्जैन से आई युवतियों ने गरबा किया। अखाड़ों के कलाकारों ने अपने करतबों से लोगों का मन मोह लिया। बारिश भी इस उत्सव में विघ्न नहीं बन पाई और लोगों का उत्साह बरकरार रहा।
एक झांकी में कोलकाता में हुई एक डॉक्टर की हत्या की घटना को दिखाया गया, जिससे लोगों को बेटियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। झांकी में एक महिला डॉक्टर को गुंडों से लड़ते हुए दिखाया गया था। लोग ‘बेटी डॉक्टर बनी पर बची नहीं’ के नारे लगा रहे थे।
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