यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कथित संत आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत दी है। जमानत मिलने के बाद वे इंदौर के खंडवा रोड स्थित बिलावली आश्रम पहुंचे। मंगलवार रात करीब 09 बजे वे आश्रम पहुंचे, जहां गेट पर अनुयायियों ने आरती उतार कर उनका स्वागत किया। इसके बाद वे सीधे आश्रम में चले गए।
फिलहाल, सैकड़ों की तादाद में उनके समर्थक व अनुयायी आश्रम के आसपास मौजूद हैं। करीबी सूत्रों के अनुसार, आसाराम इस आश्रम में करीब दो सप्ताह तक रहकर स्वास्थ्य लाभ लेंगे।
सुप्रीम कोर्ट से मिली है अंतरिम जमानत
कथित संत आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी है। यह जमानत 2013 के बलात्कार मामले में मेडिकल आधार पर मिली है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि आसाराम किसी भी प्रकार से सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और अपने भक्तों से नहीं मिलेंगे।
इंदौर से हुई थी गिरफ्तारी
12 साल पहले, 31 अगस्त 2013 को राजस्थान पुलिस ने आसाराम बापू को इंदौर के इसी आश्रम से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों ने पुलिस का काफी विरोध किया और हंगामा भी किया था। पुलिस को आश्रम के भीतर जाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। जांच के दौरान आश्रम में अवैध निर्माण का मामला भी सामने आया, जो अब भी कोर्ट में लंबित है।
बङी संख्या में समर्थक आश्रम पहुंचे

अब जब आसाराम 12 साल बाद फिर इंदौर आश्रम लौटे हैं, तो उनके अनुयायियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। आश्रम के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई। आसाराम के करीबी सूत्रों के अनुसार, वे इस दौरान केवल स्वास्थ्य लाभ लेंगे और किसी भी प्रकार की आध्यात्मिक या प्रवचन सभा नहीं करेंगे। कोर्ट के आदेशानुसार, उन्हें अनुयायियों से मिलने की भी अनुमति नहीं है।
हालांकि, आसाराम को अभी पूर्ण रूप से जमानत नहीं मिली है। यह केवल एक अंतरिम जमानत है, जो चिकित्सा कारणों के आधार पर दी गई है। उन्हें कोर्ट के आदेशों का पालन करना होगा और नियमित रूप से अपनी सेहत की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। यदि कोर्ट को लगेगा कि उनकी हालत में सुधार हो गया है, तो उन्हें फिर से जेल भेजा जा सकता है।
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