इंदौर में बीआरटीएस लेन को हटाने का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। पिछले 15 दिनों में एक किलोमीटर हिस्सा भी नहीं हट पाया, जिससे 11 किलोमीटर लंबे पूरे मार्ग को खाली करने में छह महीने से ज्यादा समय लगने की संभावना है। इस बीच कई हिस्सों में बस लेन को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है, जिससे अब आई-बसे और सिटी बसें मिक्स ट्रैफिक लेन में चलने लगी हैं। इसके चलते बसों को तय दूरी तय करने में पहले से अधिक समय लग रहा है और ट्रैफिक दबाव भी बढ़ गया है।
नगर निगम ने बस लेन और बस स्टॉप हटाने का काम ठेके पर दिया है, लेकिन ठेकेदार की धीमी गति और चल रहे ट्रैफिक के कारण काम में तेजी नहीं आ पा रही। व्हाइट चर्च चौराहे से इंदिरा गांधी प्रतिमा तक के हिस्से में बस लेन पूरी तरह बंद कर दी गई है। इसी तरह भंवरकुआं और निरंजनपुर जैसे व्यस्त मार्गों पर भी बसें अब मिक्स लेन में चल रही हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ गई है और चौराहों पर जाम की स्थिति और गंभीर होने लगी है।
ट्रैफिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बस लेन हटाने का काम समय पर पूरा नहीं हुआ, तो आने वाले महीनों में शहर की मुख्य सड़कों पर भारी जाम और सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन को या तो ठेकेदार पर काम तेज करने का दबाव बढ़ाना होगा या वैकल्पिक ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू करनी होगी ताकि शहर की गतिशीलता प्रभावित न हो।
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