इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में किसानों के मुद्दे पर मोहन यादव सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गेहूं खरीदी, ओलावृष्टि मुआवजे और चुनावी वादों से मुकरने को लेकर कड़े सवाल खड़े किए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले ₹2700 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी का वादा किया था, लेकिन अब महज ₹40 का बोनस देकर किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। पार्टी ने यह भी कहा कि खरीदी तिथियों को बार-बार आगे बढ़ाकर किसानों को मजबूर किया जा रहा है कि वे कम दाम पर अपनी फसल बेचें, जिसका सीधा फायदा बिचौलियों को मिल रहा है।
इसके साथ ही बारदाने (जूट बैग) की भारी कमी को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया गया और इसे प्रशासनिक लापरवाही करार दिया गया।
ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से हुई फसल बर्बादी का मुद्दा भी प्रेस वार्ता में जोरदार तरीके से उठाया गया। कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं, लेकिन प्रभावित किसानों को अब तक पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। पार्टी ने मांग की कि ऐसे किसानों को ₹50,000 प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि तत्काल प्रदान की जाए।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा, “प्रदेश का किसान आज सबसे ज्यादा परेशान है। वह अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन सरकार उसकी सुनने को तैयार नहीं।”
इंदौर जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने खरीदी केंद्रों की बदहाली को सरकार की नाकामी बताया और कहा कि किसान घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं।
कांग्रेस ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं — तत्काल प्रभाव से गेहूं खरीदी शुरू कर उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए, ओलावृष्टि पीड़ित किसानों को राहत राशि दी जाए और कर्जदार किसानों पर ब्याज का बोझ कम किया जाए।
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े, NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश चौकसे, अमित चौरसिया और प्रमोद द्विवेदी मौजूद रहे।
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