देश के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और पुलों के निर्माण कार्य करने वाले पाथ इंडिया ग्रुप पर मंगलवार को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला की आशंका में छापेमारी की। महू स्थित मुख्यालय समेत डायरेक्टरों के घरों पर की गई कार्रवाई में टीम ने दस्तावेज, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए। पाथ इंडिया ने इंदौर में एमआर-10 ब्रिज, मल्टीलेवल पार्किंग, इंदौर-खलघाट और इंदौर-मंडलेश्वर मार्ग सहित कई प्रोजेक्ट पूरे किए हैं।
अधिकारियों को आशंका है कि अनिल अंबानी की एक कंपनी के साथ इसके निर्माण कार्यों में समझौते हुए हैं, इसी वजह से छापे को अंबानी के लोन घोटाले की जांच से भी जोड़ा जा रहा है। कंपनी के एमडी नितिन अग्रवाल और डायरेक्टर नीति अग्रवाल, सक्षम, निपुण और संतोष अग्रवाल हैं। बता दें, करीब दस साल पहले भी पाथ ग्रुप पर आयकर विभाग ने छापा मारा था, जिसमें टैक्स चोरी के सबूत मिले थे। मंगलवार सुबह शुरू हुई ईडी की सर्चिंग देर दोपहर तक जारी रही।
ईडी की इस कार्रवाई से इंदौर और महू क्षेत्र में हलचल मच गई है। सूत्रों के अनुसार, टीम को छापेमारी के दौरान वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच आगे की कार्रवाई में की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि पाथ ग्रुप ने ठेकों और निर्माण परियोजनाओं के जरिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया हो सकता है। फिलहाल जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच जारी है।
Thank you for reading this post!
