इंदौर और उज्जैन जिले के किसान आज हातोद से इंदौर तक एक हजार से अधिक ट्रैक्टरों के साथ रैली निकाल रहे हैं। किसान इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को निरस्त करने, सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने और भूमि अधिग्रहण मुआवजा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। रैली हातोद से शुरू होकर गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर चौराहा और नावदा पंथ मार्ग से होते हुए सिरपुर तालाब पहुंचेगी, जहां ट्रैक्टर पार्क किए जाएंगे। इसके बाद किसान चंदन नगर, लाबरिया भेरू और महू नाका मार्ग से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे।
ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना से इंदौर की सांवेर और हातोद तहसीलों के करीब 20 गांव और उज्जैन जिले के आठ गांव प्रभावित हो रहे हैं। परियोजना के लिए 188 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि अधिग्रहीत की जा रही है, जिससे कई किसानों की पूरी जमीन परियोजना की जद में आ गई है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार ने बिना पर्याप्त सर्वे और आकलन के यह योजना लागू की है, जिससे किसानों की आजीविका खतरे में है।
किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा तय मुआवजा दरें बाजार मूल्य से काफी कम हैं। कांकरिया के किसान वीरेंद्र चौहान ने बताया कि जहां गाइडलाइन के अनुसार दोगुना मुआवजा देने की बात है, वहीं वास्तविक जमीन की कीमतें पांच गुना तक बढ़ चुकी हैं। किसानों ने यह भी मांग की है कि सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाए, भावांतर योजना को स्थगित किया जाए और प्याज के दाम बढ़ाए जाएं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार लगातार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है और जमीन जाने के बाद उनके पुनर्वास या वैकल्पिक भूमि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
Thank you for reading this post!
