इंदौर। भारत अपनी विविध संस्कृतियों और समृद्ध खानपान परंपराओं के लिए जाना जाता है, जहाँ हर प्रांत का स्वाद और व्यंजन अपनी अलग पहचान रखते हैं। बिहार, जो कभी प्राचीन मगध साम्राज्य का हिस्सा था, अपने इतिहास, भूगोल और सांस्कृतिक विरासत की झलक खानपान में भी बखूबी दर्शाता है। अब इंदौरवासी इस बिहारी स्वाद और संस्कृति को नज़दीक से अनुभव कर पा रहे हैं।
द पार्क इंदौर अपने प्रसिद्ध रेस्तरां ‘एपिसेंटर’ में प्रस्तुत कर रहा है “फ्रॉम द हाउस ऑफ मगध” — बिहार की मिट्टी से जुड़ी एक स्वाद यात्रा, जो 8 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक आयोजित हो रही है। यह फूड फेस्टिवल सिर्फ़ व्यंजनों का स्वाद लेने का मौका नहीं, बल्कि बिहार की पारंपरिक रसोई और उसकी आत्मा को महसूस करने का अवसर भी है।
द पार्क इंदौर के एग्जीक्यूटिव शेफ संतोष यादव ने बताया, “इस विशेष आयोजन में मगध क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजन शामिल किए गए हैं, जो पीढ़ियों से भारतीय रसोई की पहचान रहे हैं। हर डिश में बिहार की भाषा, मिट्टी की महक और मसालों की कहानी समाई है। पारंपरिक देसी तड़के और आधुनिक प्रस्तुति का मेल इस फेस्टिवल को स्वाद, सुगंध और संस्कृति का उत्सव बना रहा है।”

फूड फेस्टिवल के मेन्यू में शामिल हैं — लिट्टी चोखा, ओल अहुना, दाल पीठा, मटर घुघनी, भोज आलू परवल, चंपारण मटन, अहुना मुर्गी, चंद्रकला, परवल की मिठाई, अनरसा और पन्तुआ — जो हर थाली में बिहारी स्वाद का असली अनुभव देंगे।
फूड एंड बेवरेज डायरेक्टर सुदीप कांजीलाल ने बताया, “एपिसेंटर रेस्तरां को बिहार की परंपरा झलकाने वाली सजावट से सुसज्जित किया गया है। लोक संगीत, मिट्टी के बर्तनों और देसी खुशबुओं से सजा यह आयोजन मेहमानों को ‘मगध की रसोई’ में होने का अनुभव देगा। इस फेस्टिवल का उद्देश्य भारतीय क्षेत्रीय व्यंजनों की विविधता को सम्मान देना और लोगों को बिहार की समृद्ध पाक विरासत से जोड़ना है।”
इंदौर के फूड लवर्स 8 से 19 अक्टूबर तक द पार्क इंदौर के एपिसेंटर रेस्तरां में इस बिहारी स्वाद यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं, जहाँ हर निवाला बिहार की मिट्टी की अपनी अनोखी कहानी सुनाएगा।
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