इंदौर शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया
कोर्ट ने कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह और निगमायुक्त शिवम वर्मा को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं, ताकि समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। इसके साथ ही कोर्ट ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को भी न्यायमित्र के रूप में सुनवाई में उपस्थित होकर सहयोग करने को कहा है।
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान तो कर ली गई है, लेकिन वहां दुर्घटनाएं रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। हालत यह है कि प्रमुख चौराहों से सुबह और शाम को निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। वहीं, दुकानदारों द्वारा फुटपाथ और सड़क पर सामान रखे जाने से हालात और भी बदतर हो गए हैं। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट ने शहर में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या और ट्रैफिक सिग्नलों की खराब स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने राज्य शासन और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को फटकार लगाते हुए कहा कि ई-रिक्शा संचालन को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। न तो इनकी संख्या पर नियंत्रण है, न ही उनके मार्ग और किराए को लेकर कोई नियमन किया गया है।
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