मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौर की यातायात व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति विवेक रुसिया और न्यायमूर्ति बीके द्विवेदी की युगलपीठ ने कहा कि सख्ती के बिना यातायात में सुधार संभव नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से यातायात सुधार के लिए ठोस योजना लेकर आने को कहा।
कोर्ट ने सड़क पर अतिक्रमण और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने बताया कि इंदौर समझदार शहर है और थोड़ी सख्ती से यातायात नियम लोगों की आदत बन जाएंगे। वर्तमान में लोगों में कानून का डर नहीं है, इसलिए जागरूकता जरूरी है।
सड़क पर दुकानदारों का सामान रखा रहता है, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। निगम की टीम कार्रवाई करती है, लेकिन दुकानदार फिर सामान सड़क पर रख देते हैं। कोर्ट ने कहा कि सड़क की असली चौड़ाई देखने के लिए सुबह पांच बजे आना चाहिए।
कोर्ट ने साफ किया कि पुलिस हर जगह तैनात नहीं हो सकती, इसलिए जनता को जागरूक करना जरूरी है। बिना सख्ती और जुर्माने के नियमों का पालन नहीं होगा। खासकर हेलमेट न पहनने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाने होंगे तभी सुधार संभव होगा।
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