इंदौर। चिकित्सा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए क्रसुला फार्मास्यूटिकल्स ने इंदौर, मध्य प्रदेश में भारत की पहली उन्नत क्वांटिकस्फेयर™ (QuanticSphere™) तकनीक का अनावरण किया है। कंपनी ने इस अत्याधुनिक तकनीक के लिए पेटेंट भी फाइल कर दिया है। यह नवाचार जोड़ों के दर्द, ऑस्टियोआर्थराइटिस और कार्टिलेज संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की उपस्थिति
लॉन्च इवेंट में डॉ. प्रमोद नीमा, डॉ. लवलीन गुप्ता, डॉ. ए के द्विवेदी और अमेरिका से पधारे अर्तुरो ईडी जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञों ने शिरकत की और इस तकनीक की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
क्या है क्वांटिकस्फेयर™ तकनीक?
कंपनी की सीटीओ डॉ. भावना गुप्ता ने बताया कि क्वांटिकस्फेयर™ एक अत्याधुनिक ड्रग डिलीवरी सिस्टम है। इस तकनीक में दवाओं को ‘फॉस्फोलिपिड-आधारित धनात्मक आवेशित नैनो वेसिकल्स’ में सुरक्षित रखा जाता है। इन नैनो-कणों की संरचना मानव कोशिका झिल्ली के समान होती है, जिससे दवा पाचन तंत्र के एसिड और एंजाइम्स से प्रभावित हुए बिना सीधे लक्षित कोशिकाओं तक पहुंच जाती है।
डॉ. गुप्ता ने कहा, “सामान्य सप्लीमेंट्स शरीर में पूरी तरह अवशोषित नहीं हो पाते, लेकिन यह तकनीक दवाओं और पोषक तत्वों जैसे कुर्कुमिन और कोलेजन की अवशोषण क्षमता को 90% तक बढ़ा देती है।”
मरीजों को मिलेंगे कई फायदे
इस तकनीक के जरिए दवा तेजी से लक्षित स्थान पर पहुंचती है, जिससे मरीजों को जल्दी आराम मिलता है। इसकी ‘स्लो रिलीज़’ प्रणाली दवा के प्रभाव को लंबे समय तक बनाए रखती है, जिससे बार-बार खुराक लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
यह तकनीक पूरी तरह शरीर के अनुकूल है और इससे पेट में जलन, गैस या अपच की शिकायत नहीं होती। यह बिना किसी रासायनिक मिलावट के सुरक्षित रूप से काम करती है और सूजन कम करने तथा जोड़ों की मजबूती बढ़ाने में मदद करती है।
भारत के लिए गर्व का पल

कंपनी के सीईओ और फाउंडर रूपेश गुप्ता ने कहा, “यह भारत के लिए गर्व का क्षण है। यह तकनीक एथलीट्स, बुजुर्गों और मेनोपॉज के बाद की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी। हम जल्द ही इस तकनीक पर आधारित उत्पाद बाजार में लाएंगे।”
भविष्य की संभावनाएं
ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. प्रमोद नीमा और चीफ साइंटिफिक ऑफिसर डॉ. लवलीन गुप्ता ने बताया कि यह तकनीक न केवल ऑर्थोपेडिक उपचार को सुरक्षित और प्रभावी बनाएगी, बल्कि भविष्य में इसका उपयोग कैंसर और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी किया जा सकेगा।
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