इंदौर : देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर अब चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है। गुरुवार को USICON 2026 के शुभारंभ के साथ ही ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर ज्ञान, शोध और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों का केंद्र बन गया। सम्मेलन के पहले दिन ऐसा माहौल रहा मानो पूरा शहर ‘हेल्थ और ह्यूमैनिटी’ के उत्सव में सहभागी हो गया हो।
सम्मेलन में इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी और महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव विशेष रूप से उपस्थित रहे। सुबह 9 बजे से ही देश-विदेश से आए 2,000 से अधिक यूरोलॉजिस्ट, सर्जन, रिसर्चर और युवा चिकित्सक एक ही मंच पर जुटे। बड़े स्क्रीन पर जटिल सर्जरी के लाइव टेलीकास्ट, कैंसर के नए उपचारों पर विचार-विमर्श और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व रिसर्च पर आधारित सत्रों ने सम्मेलन को बेहद प्रभावशाली बना दिया।
पहले दिन ‘USI बेस्ट वीडियो’ और ‘बेस्ट पेपर’ सत्रों में देश के प्रमुख अस्पतालों के विशेषज्ञों ने अपनी अत्याधुनिक तकनीकों और शोध प्रस्तुत किए। मेडिको-लीगल सत्रों के माध्यम से चिकित्सकों को कानूनी जागरूकता प्रदान की गई, जबकि IJU सत्र में क्लिनिकल रिसर्च, डेटा एनालिसिस और AI के उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण लाइव सर्जरी टेलीकास्ट रहा, जिसमें ऑपरेशन थिएटर से सीधे जटिल सर्जरी का प्रसारण किया गया। इससे सैकड़ों डॉक्टरों को रियल-टाइम में सीखने का अवसर मिला। शाम को उद्घाटन समारोह के बाद प्रसिद्ध कलाकार रागिनी मक्कड़ की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी ने कहा -“इंदौर आज मेडिकल साइंस की अंतरराष्ट्रीय मेजबानी कर रहा है। यह केवल डॉक्टरों का सम्मेलन नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व का क्षण है। यहां साझा किया गया ज्ञान और तकनीक सीधे आम मरीजों के जीवन को बेहतर बनाएगा। इंदौर अब स्वास्थ्य सेवाओं का भी भरोसेमंद केंद्र बन रहा है।”
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा – “USICON 2026 इंदौर की बढ़ती स्वास्थ्य क्षमताओं का प्रमाण है। बीते वर्षों में शहर ने हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों के नेटवर्क में उल्लेखनीय प्रगति की है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन यह साबित करते हैं कि इंदौर मेडिकल एजुकेशन, ट्रेनिंग और रिसर्च का उभरता हुआ राष्ट्रीय केंद्र है।”
ऑर्गनाइजिंग कमेटी के ट्रेजरर डॉ. नितीश पाटीदार ने बताया कि पहले दिन की थीम ‘सीखो और देखो’ रखी गई थी। उन्होंने कहा, “लाइव सर्जरी और केस डिस्कशन इसलिए शामिल किए गए ताकि डॉक्टर किताबों से नहीं, बल्कि वास्तविक ऑपरेशन देखकर सीख सकें। इसका सीधा लाभ मरीजों तक पहुंचेगा।”
ऑर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. संजय शिंदे ने कहा कि यूरोलॉजी से जुड़ी बीमारियों को अक्सर लोग गंभीरता से नहीं लेते।
उन्होंने बताया, “पेशाब में जलन, खून आना, रुकावट या बार-बार इंफेक्शन गंभीर रोगों के संकेत हो सकते हैं। समय पर जांच और विशेषज्ञ से परामर्श जीवन रक्षक साबित हो सकता है। आधुनिक रोबोटिक और लेजर तकनीक से इलाज अब अधिक सुरक्षित, कम दर्दनाक और तेजी से रिकवरी वाला हो गया है।”
ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुशील भाटिया ने कहा – “USICON 2026 हमारे लिए केवल मेडिकल कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि इंदौर की मेहमाननवाजी और क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर है। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश-विदेश के लोग उन्नत इलाज के लिए इंदौर को अपनी पहली पसंद बनाएं।”
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