बीजेपी समर्थित किसानों ने जताया आभार; भारतीय किसान संघ एमएसपी पर अड़ा
इंदौर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समर्थित किसानों ने सोयाबीन भावांतर योजना के समर्थन में एक विशाल धन्यवाद ट्रैक्टर रैली निकाली। इस रैली को दशहरा मैदान से किसान नेताओं ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें सैकड़ों किसानों ने अपने ट्रैक्टरों के साथ भाग लिया। यह रैली दशहरा मैदान से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक पहुँचेगी।
वहीं, भारतीय किसान संघ (BKS) ने इस भावांतर योजना का कड़ा विरोध किया है। संघ का आरोप है कि इंदौर जिले के किसानों को वर्ष 2018 में प्याज की भावांतर राशि 29 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं मिला है। संघ की मुख्य मांग है कि सरकार जल्द से जल्द न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी शुरू करे।
बीजेपी जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने बताया कि इस रैली का आयोजन किसानों ने स्वयं किया है और पार्टी इसका समर्थन कर रही है।
भावांतर पर भारतीय किसान संघ का विरोध
भारतीय किसान संघ के इंदौर नगराध्यक्ष दिलीप मुकाती ने योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2018 में भी किसानों को भावांतर योजना का लाभ नहीं मिला था और 500 रुपये बोनस का वादा अधूरा रहा।
संघ की प्रमुख आपत्तियाँ:
- MSP पर खरीदी की मांग: मुकाती ने कहा कि मंडियों में सोयाबीन अभी 3300 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है, जबकि संघ की मांग है कि सरकार सोयाबीन का एमएसपी 5328 रुपये प्रति क्विंटल लागू करे और इसी दर पर खरीदी करे।
- पुराने भुगतान का बकाया: 2018 की प्याज भावांतर की 29 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ है।
- छोटे किसानों को नुकसान: मुकाती ने आशंका जताई कि यदि योजना अक्टूबर के अंत में लागू की जाती है, तो तब तक छोटे और मध्यम किसान अपनी उपज बेच चुके होंगे, क्योंकि उनके पास भंडारण की सुविधा और पूंजी नहीं है।
किसान संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में भी भावांतर योजना को विफल बताते हुए इसका प्रचार करने से इनकार कर दिया। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक योजना में सुधार नहीं होते और एमएसपी लागू नहीं होता, उनका समर्थन संभव नहीं है।
12 अक्टूबर को मनोज पटेल की रैली
देपालपुर के बीजेपी विधायक मनोज पटेल भी 12 अक्टूबर को सोयाबीन भावांतर आभार ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। उनकी रैली भी दशहरा मैदान से शुरू होकर कलेक्ट्रेट पहुँचेगी।
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